CBSE: कक्षा 3 से 8 तक पढ़ाई में बड़ा बदलाव: अब एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग होगी अनिवार्य
नई दिल्ली: स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने कक्षा तीसरी से आठवीं तक के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कंप्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) का नया पाठ्यक्रम लागू कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को दिल्ली में इस पाठ्यक्रम को लॉन्च किया, जो इसी शैक्षणिक सत्र से लागू होगा।
यह नया कोर्स सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ 22 राज्यों के सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अब तीसरी कक्षा से ही बच्चों को एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग की बुनियादी जानकारी दी जाएगी, जिससे वे डिजिटल युग के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे के तहत तैयार किया है। इसका उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देना है।
गेम और एक्टिविटी से होगी पढ़ाई
इस नए पाठ्यक्रम को रोचक बनाने के लिए गेम, पजल और एक्टिविटी आधारित लर्निंग पर जोर दिया गया है। छात्र बड़े सवालों को छोटे हिस्सों में हल करना, ग्रुप डिस्कशन और टीमवर्क के जरिए सीखेंगे। परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव किया गया है, जिसमें रटने के बजाय समझ और कौशल को प्राथमिकता दी जाएगी।
डिजिटल भविष्य के लिए तैयारी
सरकार का मानना है कि कंप्यूटेशनल थिंकिंग एआई की नींव है और इससे बच्चों में पैटर्न पहचान, तार्किक विश्लेषण और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी। यह पहल छात्रों को न सिर्फ तकनीक को समझने बल्कि उसका जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए भी तैयार करेगी।
भारत बनेगा एआई सुपरहब
इस कदम से भारत को वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व हासिल करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि शुरुआती स्तर से ही छात्रों को टेक्नोलॉजी से जोड़कर देश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक मजबूत "सुपरहब" बनाया जाए।