नकल करने वालों की अब खैर नहीं, UPESSC परीक्षा में AI तकनीक से होगी पहचान
Lucknow : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की ओर से 09 और 10 मई 2026 को आयोजित होने वाली प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश के 17 जनपदों में बनाए गए 319 परीक्षा केंद्रों पर 624 पदों के लिए 4.64 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों को जिला कंट्रोल रूम और आयोग के इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है, जहां से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
प्रत्येक जिले में विशेष प्रेक्षक तैनात
आयोग ने परीक्षा की निगरानी के लिए हर जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और निगरानी टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे।
नकल माफियाओं पर सख्त कार्रवाई
आयोग ने साफ किया है कि नकल कराने या परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। अनुचित साधनों के प्रयोग पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा का कार्यक्रम
09 मई को पहली पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र समेत चार विषयों की परीक्षा कराई जाएगी।
वहीं 10 मई को पहली पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान सहित पांच विषयों की परीक्षा आयोजित होगी। दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी और कला विषय की परीक्षा संपन्न कराई जाएगी।
लखनऊ में शुरू होगा नया पायलट प्रोजेक्ट
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आयोग ने लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही अभ्यर्थियों और कक्ष निरीक्षकों की मौजूदगी में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी। इससे भविष्य में मूल ओएमआर से मिलान करना आसान होगा।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर प्रतिबंध
आयोग ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। एआई तकनीक के जरिए संदिग्ध आवेदनों की पहचान भी की गई है, जिन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें, प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।