{"vars":{"id": "130921:5012"}}

NCERT की किताब में ब्राह्मणों की तस्वीर पर विवाद, आखिर क्यों भड़का ब्राह्मण समाज?

 

New Delhi : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा 8 की इतिहास की किताब ‘हमारे अतीत–III’ के एक अंश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। किताब में दिए गए एक चित्र और उसके विवरण को लेकर खासकर ब्राह्मण समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस चित्र की व्याख्या से ब्राह्मण समुदाय को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

क्या है विवादित चित्र

किताब के संबंधित अध्याय में एक चित्र दिखाया गया है, जिसमें एक ब्राह्मण व्यक्ति ब्रिटेन की प्रतीक Britannia को शास्त्र यानी पवित्र ग्रंथ भेंट करता हुआ दिखाई देता है। बताया जाता है कि यह चित्र वर्ष 1782 में बनाए गए हिंदुस्तान के पहले नक्शे के आवरण का हिस्सा है, जिसे James Rennell ने तैयार किया था।

इतिहास के अनुसार उस समय Robert Clive ने रेनल को भारत के नक्शे तैयार करने का जिम्मा दिया था। अंग्रेजों का मानना था कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों की सटीक जानकारी हासिल करने और अपने शासन को मजबूत करने के लिए नक्शे बनाना जरूरी है। नक्शों की मदद से अंग्रेज प्रशासन और नियंत्रण को आसान बना सकते थे।

चित्र के जरिए क्या संदेश

किताब में दिए गए विवरण के मुताबिक इस चित्र के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भारत के लोग अपनी इच्छा से अपने पवित्र ग्रंथ ब्रिटेनिया को सौंप रहे हैं। इसका संकेत यह है कि जैसे ब्रिटिश सत्ता भारत की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करने के लिए आई हो।

हालांकि इतिहासकारों का मानना है कि ऐसे चित्र उस दौर के औपनिवेशिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं, जहां ब्रिटिश शासन खुद को भारत का रक्षक और मार्गदर्शक बताने की कोशिश करता था।

NCERT की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने सफाई देते हुए कहा कि जिस अंश को लेकर चर्चा हो रही है, वह उनकी पुरानी इतिहास पुस्तक ‘हमारे अतीत–III’ से लिया गया है, जिसे राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा 2005 (NCF 2005) के आधार पर तैयार किया गया था। NCERT के अनुसार यह पुस्तक अब वर्तमान पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है और संस्था उस अंश के विचारों या मंतव्य से सहमत नहीं है।

नई शिक्षा नीति के बाद बदला पाठ्यक्रम

NCERT ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) लागू होने के बाद सामाजिक विज्ञान की नई किताबें तैयार की गई हैं। नई पुस्तकों में संबंधित सामग्री को दोबारा लिखा गया है और विवादित हिस्से को वर्तमान पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। संस्था ने कहा कि उसकी पाठ्यपुस्तकों का उद्देश्य समाज में समझ, संतुलन और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

2025-26 सत्र वाली किताब पर भी सवाल

हालांकि NCERT के इस बयान के बीच कुछ लोगों ने यह सवाल उठाया है कि सोशल मीडिया पर साझा की जा रही किताब की तस्वीर पर 2025-26 सत्र का उल्लेख दिखाई दे रहा है। इसको लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि पूरे मामले को लेकर NCERT जल्द ही एक और आधिकारिक बयान जारी कर सकता है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।