22 लाख छात्रों की मेहनत पर संकट? NEET UG 2026 को लेकर देश भर में हंगामा
New Delhi : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 आखिरकार विवादों के भंवर में फंस गई। महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुए कथित पेपर लीक और “गेस पेपर” वायरल होने के मामले ने देखते ही देखते राष्ट्रीय रूप ले लिया। सोशल मीडिया पर परीक्षा से पहले वायरल हुए सवालों के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाने के दावों ने छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया। बढ़ते दबाव और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है।
करीब 22 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा पर उठे सवालों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। National Testing Agency (NTA) ने परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की घोषणा की है, जबकि पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, नासिक में परीक्षा से पहले कुछ टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर “गेस पेपर” के नाम से प्रश्न साझा किए गए थे। परीक्षा के बाद छात्रों ने दावा किया कि वायरल हुए कई सवाल असली पेपर से मेल खा रहे थे। इसके बाद बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों से भी शिकायतें सामने आने लगीं।
छात्र संगठनों और अभिभावकों ने परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग तेज कर दी थी। विपक्षी दलों ने भी सरकार और NTA पर निशाना साधते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
NTA ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। नई परीक्षा तिथि, परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड की जानकारी जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की साख और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।
नासिक से उठी यह चिंगारी अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है— सवाल सिर्फ परीक्षा रद्द होने का नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों के भरोसे का है, जिन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद इस परीक्षा में भाग लिया था।