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JEE Aspirants के लिए अच्छी खबर! IITs में 600+ नई सीटें, AI-Quantum समेत 18 नए कोर्स हुए शुरू

 

New Delhi : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। देशभर के IIT संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इसके साथ ही छात्रों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 18 नए कोर्स भी शुरू किए गए हैं।

600 से अधिक सीटों की बढ़ोतरी

इस वर्ष IIT संस्थानों में कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर 18,826 कर दी गई है। पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 18,160 थी। इस प्रकार इस बार 600 से अधिक नई सीटें जोड़ी गई हैं, जिससे अधिक छात्रों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में वृद्धि से हर वर्ष जेईई एडवांस परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों को राहत मिलेगी और अधिक योग्य अभ्यर्थियों को IIT में अध्ययन का मौका मिल सकेगा।

IIT जोधपुर और IIT मंडी में सबसे अधिक बढ़ोतरी

सीटों की संख्या बढ़ाने के मामले में IIT जोधपुर सबसे आगे रहा है, जहां 140 नई सीटें जोड़ी गई हैं। वहीं IIT मंडी में 120 सीटों की वृद्धि की गई है। इसके अलावा अन्य IIT संस्थानों में भी आवश्यकता के अनुसार सीटों का विस्तार किया गया है।

18 नए कोर्स किए गए शुरू

IIT संस्थानों ने केवल सीटें बढ़ाने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि बदलती तकनीकी जरूरतों को देखते हुए 18 नए शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए हैं।

IIT कानपुर ने इंटेलिजेंट सिस्टम्स नामक नया कोर्स शुरू किया है, जबकि IIT मंडी ने क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है। इसके अलावा IIT इंदौर में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों में नए कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।

नई तकनीकों पर विशेष फोकस

तकनीक के तेजी से बदलते दौर को देखते हुए IIT संस्थानों ने अपने पाठ्यक्रमों में डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और अन्य उभरती तकनीकों को भी शामिल किया है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल भी प्रदान करना है।

छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

सीटों में वृद्धि और नए कोर्स शुरू होने से जेईई एडवांस परीक्षा देने वाले छात्रों को बड़ा फायदा मिलेगा। अधिक सीटों के कारण प्रवेश के अवसर बढ़ेंगे, वहीं नए कोर्स छात्रों को पारंपरिक इंजीनियरिंग के अलावा डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में तकनीकी शिक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।