कैसे बनते हैं PM के ‘शैडो’? SPG कमांडो बनने का पूरा सीक्रेट
New Delhi : भारत में प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा जिस सबसे खास और प्रशिक्षित फोर्स पर होता है, उसे विशेष सुरक्षा समूह (SPG) कहा जाता है। यह देश की सबसे हाई-सिक्योरिटी यूनिट्स में से एक है, जिसकी स्थापना 1985 में हुई और 1988 में इसे कानूनी दर्जा मिला।
SPG का मुख्य काम प्रधानमंत्री और उनके परिवार को हर परिस्थिति में क्लोज प्रोटेक्शन देना होता है—चाहे वह देश के अंदर कार्यक्रम हो या विदेश दौरा।
क्या सीधे SPG में भर्ती हो सकते हैं?
SPG में सीधी भर्ती नहीं होती। इसमें शामिल होने के लिए पहले किसी सुरक्षा बल या पुलिस सेवा का हिस्सा बनना जरूरी होता है। यह एक एलीट पोस्टिंग होती है, जहां केवल बेहतरीन रिकॉर्ड वाले अधिकारियों और जवानों को चुना जाता है।
SPG तक पहुंचने का रास्ता
SPG में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को पहले इन फोर्सेस में सेवा देनी होती है:
- Central Reserve Police Force (CRPF)
- Border Security Force (BSF)
- Central Industrial Security Force (CISF)
- Indian Police Service (IPS)
इन सेवाओं में अनुभव और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ही SPG के लिए चयन किया जाता है।
चयन प्रक्रिया कितनी कठिन?
SPG का चयन बेहद सख्त माना जाता है। इसमें कई चरण शामिल होते हैं:
- फिजिकल टेस्ट: स्टैमिना, स्पीड और रिफ्लेक्स की जांच
- मेंटल टेस्ट: तनाव में निर्णय लेने की क्षमता
- मेडिकल जांच: पूरी तरह फिट होना जरूरी
- इंटरव्यू: वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन
इस प्रक्रिया में वही उम्मीदवार सफल होते हैं जो हर स्तर पर खुद को साबित कर पाते हैं।
योग्यता (Eligibility)
- भारतीय नागरिक होना जरूरी
- उम्र आमतौर पर 35 वर्ष के आसपास
- न्यूनतम 12वीं पास (उच्च पदों के लिए ग्रेजुएशन लाभदायक)
सैलरी और सुविधाएं
SPG कमांडो को आकर्षक वेतन के साथ कई सुविधाएं मिलती हैं:
- स्पेशल अलाउंस और जोखिम भत्ता
- बेहतर आवास सुविधा
- उच्च स्तरीय मेडिकल सुविधा
सम्मान सबसे बड़ी पहचान
SPG में काम करना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि देश की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा करना अपने आप में गर्व और सम्मान की बात होती है।
SPG कमांडो बनना आसान नहीं है। इसके लिए पहले सुरक्षा बलों में उत्कृष्ट सेवा, कड़ी ट्रेनिंग और हर स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन जरूरी होता है। यही वजह है कि SPG देश की सबसे भरोसेमंद और सक्षम सुरक्षा इकाइयों में गिनी जाती है।