{"vars":{"id": "130921:5012"}}

NEET UG 2026 पेपर लीक की अफवाहें फैलाकर ठगी का जाल, NTA ने दी सख्त चेतावनी
 

 

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर इस समय छात्रों के बीच चिंता और भ्रम का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Telegram और WhatsApp पर पेपर लीक होने के दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन अफवाहों के जरिए कुछ लोग छात्रों को निशाना बनाकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं।

इसी बीच परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था National Testing Agency (NTA) ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी है। NTA ने स्पष्ट कहा है कि NEET UG 2026 का कोई भी पेपर लीक नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारी भ्रामक है।

NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित होनी है, जबकि अभी तक एडमिट कार्ड भी जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में पेपर लीक की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता को और बढ़ा दिया है।

सोशल मीडिया पर ठगी का खेल

पिछले कुछ दिनों में कई Telegram चैनलों और WhatsApp ग्रुप्स में यह दावा किया जा रहा है कि उनके पास NEET UG 2026 का असली प्रश्न पत्र मौजूद है। इसके बदले छात्रों से 10,000 रुपये तक की मांग की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरी तरह साइबर ठगी का मामला है, जिसका उद्देश्य छात्रों की भावनाओं का फायदा उठाना है।

NTA की चेतावनी

NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि पेपर लीक से जुड़े सभी दावे निराधार हैं। एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध ग्रुप को पैसे न दें। साथ ही यह भी कहा गया है कि परीक्षा से जुड़ी सही और आधिकारिक जानकारी केवल NTA की वेबसाइट और verified सोशल मीडिया हैंडल पर ही उपलब्ध होगी।

2024 का विवाद बढ़ा रहा चिंता

पिछले साल NEET UG 2024 में पेपर गड़बड़ी के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इस मामले में Supreme Court of India ने कुछ परीक्षा केंद्रों के छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया था। इसी वजह से इस साल भी छात्रों के बीच असमंजस और डर का माहौल बना हुआ है।

कैसे पहचानें फर्जी दावे

यदि कोई व्यक्ति परीक्षा से पहले पेपर देने का दावा करे, पैसे की मांग करे या गुप्त Telegram/WhatsApp ग्रुप में जोड़ने की बात करे, तो यह स्पष्ट संकेत है कि मामला धोखाधड़ी का है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।