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UGC-NET में पूछे गए आउट-ऑफ-द-बॉक्स सवाल, ‘वंदे मातरम्’ और फिल्मों की सीक्वेंसिंग बनी चुनौती
 

 

वाराणसी। राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) के मास कम्युनिकेशन पेपर में इस बार पूछे गए कुछ सवालों ने अभ्यर्थियों की परीक्षा के साथ-साथ उनकी स्मरण शक्ति की भी कड़ी परीक्षा ली। खासकर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की पंक्तियों को सही क्रम में लगाने से जुड़ा प्रश्न परीक्षार्थियों के लिए चुनौती बन गया।

परीक्षा में पूछा गया सवाल सामान्य जानकारी से अलग था। अभ्यर्थियों से केवल यह नहीं पूछा गया कि वंदे मातरम् किसने और कब लिखा, बल्कि राष्ट्रगीत की 23 पंक्तियों में से चयनित पंक्तियों को सही क्रम (सीक्वेंस) में व्यवस्थित करने को कहा गया। प्रश्न आते ही कई परीक्षार्थी मन ही मन वंदे मातरम् का गान करते हुए उत्तर तलाशने लगे, फिर भी अनेक अभ्यर्थी उलझन में पड़ गए।

यह था वंदे मातरम् का सही क्रम

वंदे मातरम्, सुजलाम, सुफलाम, मलयज शीतलाम।
शुभ्र ज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम।
कोटि-कोटि-कंठ-कल-कल-निनाद-कराले।
तुमि विद्या, तुमि धर्म तुमि हृदि, तुमि मर्म त्वं हि प्राणा:।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी।

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 में की थी, जिसे बाद में 1882 में प्रकाशित उनके उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया गया।

आमोल पालेकर की फिल्मों का रिलीज क्रम भी पूछा गया

मास कम्युनिकेशन के प्रश्नपत्र में फिल्मों से जुड़ा एक रोचक सवाल भी शामिल था। इसमें अभिनेता आमोल पालेकर की तीन चर्चित फिल्मों रजनीगंधा, छोटी सी बात और चितचोर के रिलीज क्रम के बारे में पूछा गया।

फिल्मों का सही रिलीज क्रम

फिल्म                  रिलीज तिथि
रजनीगंधा        - 13 सितंबर 1974
छोटी सी बात   -  9 जनवरी 1976
चितचोर          -    30 जनवरी 1976

पत्रकारिता, शोध पद्धति और ऑस्कर से जुड़े सवाल भी रहे चर्चा में

परीक्षार्थियों के अनुसार, प्रश्नपत्र में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता से जुड़े सवाल भी पूछे गए। इनमें दूसरे विश्व युद्ध के दौरान स्टिंग ऑपरेशन करने पर फांसी की सजा पाने वाले पत्रकार, अमेरिकन पब्लिक रिलेशन सोसाइटी के अध्यक्ष तथा पुरानी अंग्रेजी पत्रिकाओं के प्रकाशन काल से जुड़े प्रश्न शामिल थे।

कम्युनिकेशन रिसर्च खंड में टी-टेस्ट और एनोवा टेस्ट से संबंधित प्रश्नों को सबसे कठिन माना गया। वहीं पेपर-1 में शिक्षण-अधिगम विषय से लघुगणक के सवाल पूछे गए। इसके अलावा हाल ही में दिए गए ऑस्कर अवार्ड से संबंधित प्रश्न भी परीक्षा का हिस्सा रहे।

परीक्षार्थियों का कहना है कि इस बार यूजीसी-नेट का प्रश्नपत्र पारंपरिक ज्ञान के बजाय विषय की गहराई और विश्लेषणात्मक समझ को परखने वाला रहा।