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अमेरिका में PhD का सपना होगा आसान, इन स्कॉलरशिप्स से फ्री में पढ़ सकते हैं भारतीय छात्र

 

New Delhi : विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका अब भी सबसे पसंदीदा देशों में शामिल है। खासकर पीएचडी (PhD) करने के इच्छुक युवाओं के लिए अमेरिकी विश्वविद्यालय रिसर्च, आधुनिक तकनीक और वैश्विक करियर अवसरों का बड़ा केंद्र माने जाते हैं। हालांकि, भारी फीस और महंगे रहन-सहन के कारण कई छात्र अपना सपना अधूरा छोड़ देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सही जानकारी और उपयुक्त स्कॉलरशिप मिलने पर अमेरिका में पीएचडी करना उतना मुश्किल नहीं है, जितना आमतौर पर माना जाता है। कई विश्वविद्यालय और संस्थाएं विदेशी छात्रों को ऐसी स्कॉलरशिप उपलब्ध कराती हैं, जिनसे पढ़ाई का अधिकांश खर्च या पूरा खर्च तक कवर हो जाता है।

हर साल बड़ी संख्या में विदेशी छात्र अमेरिका का रुख करते हैं। वहां की अत्याधुनिक लैब, रिसर्च सुविधाएं, लाइब्रेरी और वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रणाली छात्रों को आकर्षित करती है। लेकिन अमेरिका दुनिया के सबसे महंगे देशों में भी गिना जाता है, जहां किराया, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और यात्रा खर्च छात्रों के लिए चुनौती बन जाते हैं। ऐसे में स्कॉलरशिप आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होती हैं। अमेरिका में कई प्रकार की स्कॉलरशिप उपलब्ध हैं, जिनमें ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, रिसर्च खर्च और कई मामलों में यात्रा खर्च भी शामिल होता है।

पीएचडी छात्रों के लिए सरकारी, यूनिवर्सिटी और एक्सचेंज स्कॉलरशिप उपलब्ध कराई जाती हैं। कुछ स्कॉलरशिप दो देशों के बीच शैक्षणिक समझौतों के तहत दी जाती हैं, जबकि कई विश्वविद्यालय अपने स्तर पर छात्रों को फंडिंग देते हैं। महिलाओं के लिए भी अलग-अलग विशेष स्कॉलरशिप योजनाएं चलाई जाती हैं।

इसके अलावा छात्रों को टीचिंग असिस्टेंटशिप, रिसर्च असिस्टेंटशिप, एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंटशिप और ग्रेडिंग असिस्टेंटशिप जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। इन योजनाओं के तहत छात्र विश्वविद्यालय में काम करते हुए अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, स्कॉलरशिप का चयन छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों, रिसर्च प्रोफाइल, स्टेटमेंट ऑफ पर्पस और अन्य दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में समय रहते सही जानकारी जुटाना और मजबूत आवेदन तैयार करना बेहद जरूरी माना जाता है।