UPSSSC की नई व्यवस्था लागू: अब सभी भर्तियों के लिए OTR अनिवार्य, जानिए रजिस्ट्रेशन के जरूरी नियम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था लागू कर दी है। अब आयोग की भविष्य में आने वाली सभी भर्तियों में आवेदन करने से पहले OTR कराना अनिवार्य होगा। एक बार OTR पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों को हर नई भर्ती के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी बार-बार भरने की आवश्यकता नहीं होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क है।
आयोग के अनुसार, नए अभ्यर्थी नया OTR पंजीकरण कर सकते हैं। वहीं, जिन अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2025 के लिए आवेदन किया है, उन्हें उसी पंजीकरण संख्या के आधार पर OTR करना होगा। ऐसे अभ्यर्थी नया OTR नहीं बना सकेंगे।
OTR के लिए मोबाइल और ई-मेल अनिवार्य
OTR प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों के पास वैध मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी होना जरूरी है। दोनों का सत्यापन OTP के माध्यम से किया जाएगा। यदि ई-मेल का सत्यापन तत्काल नहीं हो पाता है तो OTR प्रक्रिया पूरी होने के बाद डैशबोर्ड के माध्यम से भी इसे सत्यापित किया जा सकेगा। आयोग ने सलाह दी है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक मोबाइल नंबर और ई-मेल सक्रिय रखें।
आवेदन में भरनी होंगी ये जानकारियां
OTR के दौरान अभ्यर्थियों को अपना नाम, जन्मतिथि, पिता एवं माता का नाम, राज्य, गृह जनपद, हाईस्कूल से संबंधित विवरण, स्थायी और पत्राचार का पता दर्ज करना होगा। इसके साथ ही पिछले छह माह के भीतर का रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा।
हस्ताक्षर को लेकर आयोग ने जारी किए खास निर्देश
आयोग ने हस्ताक्षर को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अभ्यर्थी हिंदी या अंग्रेजी में हस्ताक्षर कर सकते हैं, लेकिन हस्ताक्षर के नीचे अपना नाम स्वयं की हस्तलिपि में हिंदी में लिखना अनिवार्य होगा। अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स (बड़े अक्षरों) में किए गए हस्ताक्षर मान्य नहीं होंगे।
गलत जानकारी या एक से अधिक OTR पर होगी कार्रवाई
आयोग ने कहा है कि OTR में दर्ज की गई सभी जानकारियां अभिलेखों के अनुरूप और पूरी तरह सही होनी चाहिए। गलत या भ्रामक जानकारी मिलने पर अभ्यर्थन निरस्त किया जा सकता है। वहीं, OTR संख्या जारी होने के बाद किसी भी विवरण में संशोधन की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा प्रत्येक अभ्यर्थी को केवल एक ही OTR संख्या रखने की अनुमति होगी। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक OTR बनाता है तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है। आयोग ने अभ्यर्थियों को अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड की गोपनीयता बनाए रखने की भी सलाह दी है।