काजल राघवानी संग रिश्ते पर पहली बार खुलकर बोले खेसारी, कहा- ब्रेकअप के बाद..,
Jun 4, 2026, 19:42 IST
भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी निजी जिंदगी, संघर्ष और करियर से जुड़े कई अनसुने किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि आज भले ही वह भोजपुरी इंडस्ट्री के बड़े सितारों में गिने जाते हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
काजल राघवानी के साथ रिश्ते पर क्या बोले खेसारी?
पॉडकास्ट के दौरान खेसारी ने भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब दोनों साथ थे, तब उनके बीच सम्मान और समझ थी, और आज भी वह उनके प्रति सम्मान रखते हैं।
खेसारी ने कहा कि अक्सर रिश्ते खत्म होने के बाद लोग एक-दूसरे के खिलाफ बोलने लगते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि अगर कभी किसी से प्यार किया है, तो रिश्ते के खत्म होने के बाद भी सम्मान बना रहना चाहिए।
बचपन में बेचते थे दूध
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए खेसारी ने बताया कि उनका परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से था। परिवार के पास खुद की जमीन नहीं थी और आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। उनके पिता दिल्ली में काम करते थे, जबकि वह गांव में अपने चाचा के साथ रहते थे।
उन्होंने बताया कि बचपन में वह साइकिल से घर-घर जाकर दूध पहुंचाने का काम करते थे। इसी दौरान उन्हें गायन का शौक लगा और वह काम करते हुए भी गुनगुनाया करते थे।
दिल्ली में लिट्टी-चोखा बेचकर किया गुजारा
गांव से निकलकर खेसारी दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने जीविका चलाने के लिए कई छोटे-मोटे काम किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से 2007 के बीच दिल्ली के ओखला क्षेत्र में सड़क किनारे लिट्टी-चोखा बेचते थे। दिनभर काम करने के बाद वह रात में संगीत की साधना करते और अपने गायन को बेहतर बनाने में जुटे रहते थे। इसी मेहनत ने आगे चलकर उन्हें सफलता की राह दिखाई।
पहली एल्बम रही फ्लॉप
खेसारी ने बताया कि शादी के बाद उनके पिता ने बड़ी मुश्किल से 11 हजार रुपये जुटाकर उन्हें पहली एल्बम रिकॉर्ड कराने के लिए दिए थे। हालांकि उनकी पहली एल्बम को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद नहीं मिला और वह असफल रही।
इसके बाद दूसरी एल्बम ने कुछ पहचान दिलाई, लेकिन असली सफलता तीसरी एल्बम से मिली, जिसने उन्हें भोजपुरी संगीत जगत में पहचान दिला दी।
बेटी के जन्म के बाद बदली किस्मत
खेसारी ने अपनी बेटी कृति को अपनी जिंदगी का 'लकी चार्म' बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में बेटी के जन्म के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया।
उसी दौरान उनका एक गाना रिलीज हुआ, जिसने उन्हें रातों-रात लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद सफलता का सिलसिला शुरू हुआ और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
आज खेसारी लाल यादव भोजपुरी सिनेमा के सबसे चर्चित कलाकारों में शामिल हैं। उनका संघर्ष भरा सफर उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं।
काजल राघवानी के साथ रिश्ते पर क्या बोले खेसारी?
पॉडकास्ट के दौरान खेसारी ने भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब दोनों साथ थे, तब उनके बीच सम्मान और समझ थी, और आज भी वह उनके प्रति सम्मान रखते हैं।
खेसारी ने कहा कि अक्सर रिश्ते खत्म होने के बाद लोग एक-दूसरे के खिलाफ बोलने लगते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि अगर कभी किसी से प्यार किया है, तो रिश्ते के खत्म होने के बाद भी सम्मान बना रहना चाहिए।
बचपन में बेचते थे दूध
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए खेसारी ने बताया कि उनका परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से था। परिवार के पास खुद की जमीन नहीं थी और आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। उनके पिता दिल्ली में काम करते थे, जबकि वह गांव में अपने चाचा के साथ रहते थे।
उन्होंने बताया कि बचपन में वह साइकिल से घर-घर जाकर दूध पहुंचाने का काम करते थे। इसी दौरान उन्हें गायन का शौक लगा और वह काम करते हुए भी गुनगुनाया करते थे।
दिल्ली में लिट्टी-चोखा बेचकर किया गुजारा
गांव से निकलकर खेसारी दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने जीविका चलाने के लिए कई छोटे-मोटे काम किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से 2007 के बीच दिल्ली के ओखला क्षेत्र में सड़क किनारे लिट्टी-चोखा बेचते थे। दिनभर काम करने के बाद वह रात में संगीत की साधना करते और अपने गायन को बेहतर बनाने में जुटे रहते थे। इसी मेहनत ने आगे चलकर उन्हें सफलता की राह दिखाई।
पहली एल्बम रही फ्लॉप
खेसारी ने बताया कि शादी के बाद उनके पिता ने बड़ी मुश्किल से 11 हजार रुपये जुटाकर उन्हें पहली एल्बम रिकॉर्ड कराने के लिए दिए थे। हालांकि उनकी पहली एल्बम को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद नहीं मिला और वह असफल रही।
इसके बाद दूसरी एल्बम ने कुछ पहचान दिलाई, लेकिन असली सफलता तीसरी एल्बम से मिली, जिसने उन्हें भोजपुरी संगीत जगत में पहचान दिला दी।
बेटी के जन्म के बाद बदली किस्मत
खेसारी ने अपनी बेटी कृति को अपनी जिंदगी का 'लकी चार्म' बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में बेटी के जन्म के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया।
उसी दौरान उनका एक गाना रिलीज हुआ, जिसने उन्हें रातों-रात लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद सफलता का सिलसिला शुरू हुआ और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
आज खेसारी लाल यादव भोजपुरी सिनेमा के सबसे चर्चित कलाकारों में शामिल हैं। उनका संघर्ष भरा सफर उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं।