मार्च क्लोजिंग से पहले करें ये काम, वरना इन 5 गलतियों से आपका रिटर्न हो सकता है आधा!
वित्त वर्ष 2025-26 खत्म होने से पहले निवेशकों के लिए अलर्ट। पोर्टफोलियो रिव्यू करते समय की गई 5 बड़ी गलतियां टैक्स और रिटर्न दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। जानिए टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग, एसेट एलोकेशन और स्मार्ट इन्वेस्टमेंट के जरूरी टिप्स, ताकि आप बन सकें समझदार निवेशक।
Financial Year End Investment Mistakes: जैसे-जैसे 31 मार्च नजदीक आ रहा है, वित्त वर्ष 2025-26 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस समय अधिकांश निवेशक टैक्स बचाने की जल्दबाजी में फैसले लेते हैं, जबकि असल समझदारी अपने निवेश पोर्टफोलियो की गहराई से समीक्षा करने में है।
एक बेहतर पोर्टफोलियो रिव्यू न सिर्फ आपकी टैक्स देनदारी कम करता है, बल्कि आने वाले साल में बेहतर रिटर्न की नींव भी रखता है। आइए जानते हैं वो 5 बड़ी गलतियां, जिन्हें समय रहते सुधारना बेहद जरूरी है।
1. टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग को नजरअंदाज करना
कई निवेशक घाटे वाले निवेश को नजरअंदाज करते हैं। जबकि समझदारी यह है कि कमजोर प्रदर्शन वाले शेयर या फंड्स को बेचकर कैपिटल गेन को सेट-ऑफ किया जाए। इससे आपकी टैक्स देनदारी प्रभावी रूप से कम हो सकती है।
2. एसेट एलोकेशन को री-बैलेंस न करना
बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते आपका पोर्टफोलियो असंतुलित हो सकता है। यदि इक्विटी का हिस्सा जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है, तो इसे संतुलित करना जरूरी है, ताकि जोखिम नियंत्रित रहे और निवेश सुरक्षित बना रहे।
3. कमजोर निवेश (Dead Wood) को बनाए रखना
भावनात्मक कारणों से खराब प्रदर्शन करने वाले स्टॉक्स या फंड्स को होल्ड करना एक बड़ी गलती है। साल के अंत में ऐसे निवेश से बाहर निकलकर बेहतर विकल्पों में पैसा लगाना समझदारी भरा कदम है।
4. सिर्फ टैक्स बचाने के लिए गलत निवेश
मार्च के आखिरी दिनों में कई लोग जल्दबाजी में ऐसी स्कीम्स या पॉलिसी खरीद लेते हैं, जो उनके वित्तीय लक्ष्यों के अनुकूल नहीं होतीं। यह कदम लंबे समय में नुकसानदायक साबित हो सकता है।
5. डिविडेंड और ब्याज आय को नजरअंदाज करना
पोर्टफोलियो रिव्यू के दौरान केवल पूंजी वृद्धि पर ध्यान देना अधूरा आकलन है। डिविडेंड और ब्याज से हुई आय को जोड़ना जरूरी है, ताकि आपके कुल रिटर्न की सही तस्वीर सामने आ सके।
क्या करें निवेशक?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए चरणबद्ध तरीके से पोर्टफोलियो सुधारना चाहिए। सही रणनीति अपनाकर न सिर्फ टैक्स बचाया जा सकता है, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत फाइनेंशियल प्लान भी तैयार किया जा सकता है।