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होली शॉपिंग में साइबर ठग एक्टिव: डिलीवरी और रिटर्न के नाम पर ऐसे खाली कर रहे बैंक अकाउंट

होली के त्योहार पर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। डिलीवरी और रिटर्न के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों से ओटीपी और बैंक डिटेल ली जा रही है। वाराणसी में एक शिक्षिका से 60 हजार रुपये की ठगी हुई। पुलिस ने सतर्क रहने की सलाह दी है।

 

Holi Online Shopping Fraudहोली के त्योहार पर ऑनलाइन खरीदारी का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपने लिए और घर की सजावट के लिए विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से सामान मंगा रहे हैं। लेकिन त्योहारी सीजन में साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं और डिलीवरी व रिटर्न के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं।

साइबर अपराधी ई-कॉमर्स कंपनियों की मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप तैयार कर रहे हैं। वे ऑनलाइन खरीदारी करने वालों की डिटेल हासिल कर उन्हें लिंक भेजते हैं और भारी छूट का लालच देते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू होती है, लेकिन सामान कभी डिलीवर नहीं होता।

ऑर्डर कैंसिल के नाम पर भी ठगी

साइबर ठग ऑर्डर कैंसिल कराने के नाम पर भी लोगों को फंसाते हैं। खुद को कंपनी का कर्मचारी बताकर फोन करते हैं और रिफंड प्रक्रिया के लिए ओटीपी मांगते हैं। ओटीपी मिलते ही बैंक खाते से रकम निकाल ली जाती है।

60 हजार की ठगी का मामला

सामने घाट क्षेत्र में रहने वाली एक शिक्षिका ने ऑनलाइन शॉपिंग की थी। मनमाफिक सामान न मिलने पर उन्होंने रिटर्न प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान उन्हें कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ई-कॉमर्स कंपनी का कर्मचारी बताते हुए एक लिंक भेजा। लिंक डाउनलोड कर बैंक डिटेल साझा करते ही उनके खाते से 60 हजार रुपये निकल गए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

ऐसे बचें साइबर ठगी से

एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना के अनुसार-

ऑनलाइन शॉपिंग से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट की जांच करें।

अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।

किसी भी स्थिति में ओटीपी साझा न करें।

यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें।

सार्वजनिक वाई-फाई से भुगतान न करें।

रिफंड या डिलीवरी के नाम पर आए कॉल से सतर्क रहें।

विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।