कहीं आपके नाम पर कोई और तो नहीं ले रहा लोन? 2 मिनट में ऐसे करें चेक, वरना हो सकता है बड़ा फ्रॉड!
अगर आपके नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति लोन ले रहा है तो आप बड़ी परेशानी में पड़ सकते हैं। इस एक्सप्लेनर में जानिए CIBIL Score और PAN की मदद से कैसे पता करें कि आपके नाम पर कितना लोन चल रहा है और खुद को लोन फ्रॉड से कैसे बचाएं।
PAN Card Loan Fraud: देश में साइबर फ्रॉड और फाइनेंशियल स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब ठग सिर्फ बैंक अकाउंट खाली करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई मामलों में लोगों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी लोन तक ले रहे हैं। ऐसे में अगर समय रहते आपको इसकी जानकारी न मिले, तो भविष्य में बैंक नोटिस, खराब CIBIL Score और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपके नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति लोन तो नहीं चला रहा, तो यह जानकारी आपके बेहद काम की है। कुछ आसान स्टेप्स के जरिए आप घर बैठे अपने नाम पर चल रहे सभी लोन की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
आखिर कैसे होता है यह लोन फ्रॉड?
साइबर अपराधी कई बार लोगों के PAN Card, Aadhaar, मोबाइल नंबर या बैंक डिटेल्स का गलत इस्तेमाल कर ऑनलाइन लोन ले लेते हैं। कई मामलों में फर्जी KYC या डेटा लीक के जरिए यह फ्रॉड किया जाता है।
जब तक पीड़ित व्यक्ति को जानकारी मिलती है, तब तक उसके नाम पर भारी रकम का कर्ज चढ़ चुका होता है और उसका क्रेडिट स्कोर भी खराब हो जाता है।
इसी वजह से समय-समय पर अपना CIBIL Score और Loan History चेक करना बेहद जरूरी माना जाता है।
Step By Step: ऐसे पता करें आपके नाम पर कितना लोन चल रहा है
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके नाम पर कोई अनजान लोन तो नहीं लिया गया, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें।
Step 1: CIBIL या Credit Score वेबसाइट खोलें
सबसे पहले किसी भरोसेमंद CIBIL Score या Credit Score वेबसाइट पर जाएं।
Step 2: “Get Your CIBIL Score” ऑप्शन चुनें
वेबसाइट खुलने के बाद “Get Your CIBIL Score” या इसी तरह का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।
Step 3: Subscription Skip करें
अक्सर वेबसाइट आपको पेड सब्सक्रिप्शन ऑफर करती है। अगर आप सिर्फ जानकारी देखना चाहते हैं, तो “Skip” ऑप्शन चुन सकते हैं।
Step 4: नया यूजर हैं तो Registration करें
अगर पहली बार वेबसाइट इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा।
इसके लिए, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी।
Step 5: Login Credentials बनाएं
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद अपना यूजरनेम और पासवर्ड बनाकर लॉगिन करें।
Step 6: PAN Number दर्ज करें
अब सिस्टम आपसे PAN Card Number मांगेगा। इसे सही-सही भरें।
Step 7: “Check CIBIL Score” पर क्लिक करें
इसके बाद “Check CIBIL Score” या “View Report” विकल्प पर क्लिक करें।
Step 8: OTP Verification पूरा करें
आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। इसे दर्ज कर वेरिफिकेशन पूरा करें।
Step 9: Loan Section में देखें पूरी डिटेल
अब आपके सामने पूरी Credit Report खुल जाएगी।
यहां आप देख पाएंगे:
- आपके नाम पर कितने लोन हैं
- कौन-कौन से बैंक या NBFC से लोन लिया गया
- कितना बकाया है
- कोई अनजान लोन चल रहा है या नहीं
अगर यहां कोई ऐसा लोन दिखाई देता है जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है, तो तुरंत संबंधित बैंक और साइबर सेल से संपर्क करें।
CIBIL Score क्यों है इतना जरूरी?
CIBIL Score या Credit Score आपकी वित्तीय विश्वसनीयता का पैमाना माना जाता है। बैंक इसी के आधार पर तय करते हैं कि आपको लोन देना है या नहीं।
अच्छा CIBIL Score होने पर:
- कम ब्याज दर पर लोन मिलता है
- ज्यादा लोन मिलने की संभावना रहती है
- Credit Card Approval आसान होता है
वहीं खराब स्कोर होने पर बैंक लोन रिजेक्ट भी कर सकते हैं।
लोन फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ सावधानियां अपनाकर आप इस तरह के फ्रॉड से बच सकते हैं।
जरूरी सावधानियां
- PAN और Aadhaar की कॉपी किसी अनजान व्यक्ति को न दें
- OTP कभी शेयर न करें
- समय-समय पर CIBIL Report चेक करें
- संदिग्ध SMS या Email लिंक पर क्लिक न करें
- बैंक अलर्ट हमेशा ON रखें
- फ्रॉड दिखे तो तुरंत क्या करें?
अगर आपकी रिपोर्ट में कोई फर्जी लोन दिखाई देता है तो:
- तुरंत बैंक/NBFC से संपर्क करें
- CIBIL में Dispute Raise करें
- Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें
- 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें
समय रहते कार्रवाई करने से बड़ा नुकसान टाला जा सकता है।
क्यों जरूरी है नियमित Credit Monitoring?
आज के डिजिटल दौर में सिर्फ बैंक बैलेंस देखना काफी नहीं है। आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर कोई भी आपके नाम पर कर्ज ले सकता है।
ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को कम से कम 2-3 महीने में एक बार अपना Credit Score और Loan Report जरूर चेक करनी चाहिए, ताकि किसी भी फर्जी गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके।