जापान में फिर हिली धरती, इवाते प्रांत में भूकंप के बाद अब आ सकता है उससे भी बड़ा खतरा
Tokyo : जापान में रविवार शाम एक बार फिर धरती ने जोरदार करवट ली। स्थानीय समयानुसार शाम 5 बजकर 3 मिनट (इंडिया के 1 बजकर 3 मिनट) पर देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से इवाते प्रांत में 6.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप के तुरंत बाद तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।
जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, इवाते के ओफुनाटो बंदरगाह पर 10 सेंटीमीटर ऊंची लहरें देखी गईं। एजेंसी ने आशंका जताई है कि तटीय इलाकों में एक मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
2,800 से अधिक घर खाली कराए गए
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र ओफुनाटो शहर के 2,825 घरों को खाली कराने का आदेश दिया है। इन घरों में रहने वाले 6,138 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इवाते, मोरियोका और याहाबा कस्बे में झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4 दर्ज की गई।
पूर्वी जापान रेलवे ने बताया कि झटकों के बाद तोहोकू शिंकानसेन (हाई-स्पीड ट्रेन) का परिचालन सेंडाइ से शिन-आओमोरी के बीच अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।
2011 की त्रासदी की यादें ताजा
भूकंप के बाद लोगों में 2011 की भयावह आपदा की यादें ताजा हो गई हैं, जब 9.0 तीव्रता के भूकंप ने जापान में 18,500 से अधिक लोगों की जान ली थी और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र हादसा हुआ था।
जापान पृथ्वी की चार टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है और ‘रिंग ऑफ फायर’ के पश्चिमी छोर पर आता है। यही कारण है कि यहां हर साल करीब 1,500 से ज्यादा भूकंप दर्ज किए जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार का भूकंप भी उसी सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में आया है।