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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 10% ग्लोबल टैरिफ लागू, जानें भारत पर पड़ेगा कितना असर

 

वॉशिंगटन। अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लागू कर दिया है। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा, जब तक कोई नया कानूनी प्राधिकरण प्रभाव में नहीं आ जाता। इस नई व्यवस्था के तहत भारत भी उन देशों में शामिल है, जिन्हें 10 फीसदी शुल्क देना होगा।

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह टैरिफ फिलहाल IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत लगाए गए पुराने शुल्कों की जगह प्रभावी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक कोई अन्य कानूनी व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक 10 प्रतिशत टैरिफ जारी रहेगा। साथ ही अमेरिका के सभी व्यापारिक साझेदारों से मौजूदा समझौतों का पालन करने की अपील की गई है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि 1977 के IEEPA कानून के तहत राष्ट्रपति को व्यापक आयात शुल्क लगाने का स्पष्ट अधिकार नहीं है। संविधान के अनुसार यह अधिकार अमेरिकी कांग्रेस के पास सुरक्षित है।

मुख्य न्यायाधीश John Roberts सहित बहुमत के न्यायाधीशों ने इस निर्णय का समर्थन किया, जबकि तीन न्यायाधीशों ने असहमति जताई। इस फैसले के बाद अरबों डॉलर के पारस्परिक (रेसिप्रोकल) टैरिफ अमान्य हो गए हैं और सरकार को 130 से 175 अरब डॉलर तक के रिफंड दावों का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “लुडिक्रस” और “भयानक” करार दिया। उन्होंने कहा कि अदालत के अनुसार वह IEEPA के तहत मामूली शुल्क भी नहीं लगा सकते, जबकि उनके पास व्यापार को पूरी तरह रोकने की शक्ति है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि यह फैसला अमेरिकी हितों के खिलाफ है।

सेक्शन 122 के तहत नया कदम

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के तहत 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ लगाने का एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया। यह प्रावधान 150 दिनों तक अधिकतम 15 फीसदी अस्थायी शुल्क लगाने की अनुमति देता है, खासकर भुगतान संतुलन के घाटे को कम करने के उद्देश्य से। साथ ही सेक्शन 232 और 301 के तहत पहले से लागू टैरिफ प्रभावी रहेंगे।

भारत पर संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ मौजूदा शुल्कों के ऊपर लागू होने से भारत के निर्यात पर असर डाल सकता है। स्टील, एल्यूमिनियम, ऑटो पार्ट्स और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों को झटका लगने की आशंका है। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया है कि भारत के साथ चल रही व्यापार वार्ताएं जारी रहेंगी।

अमेरिका के इस कदम से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है और आने वाले समय में इसके व्यापक आर्थिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।