बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की निर्मम हत्या, पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया
Jan 25, 2026, 12:24 IST
बांग्लादेश में एक बार फिर अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाए जाने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नरसिंहदी जिले में एक हिंदू युवक चंचल चंद्र भौमिक की निर्मम हत्या कर दी गई। आरोप है कि अज्ञात हमलावरों ने पेट्रोल डालकर गैराज में आग लगा दी, जिससे चंचल जिंदा जल गया और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की जानकारी बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाहउद्दीन शोएब चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है। उन्होंने बताया कि यह वारदात शुक्रवार देर रात की है, जब चंचल काम खत्म करने के बाद उसी गैराज में सो रहा था, जहां वह बीते छह वर्षों से काम कर रहा था।
सलाहउद्दीन चौधरी के मुताबिक, चंचल चंद्र भौमिक कोमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था। पिता की मृत्यु के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी मां गंभीर रूप से बीमार रहती है और उसका एक भाई दिव्यांग है। रोजी-रोटी के लिए चंचल नरसिंहदी में रूबल मियां के गैराज में काम करता था और वहीं रहता भी था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ दिखाई देता है कि देर रात एक व्यक्ति गैराज में पहुंचता है, पेट्रोल डालता है और आग लगा देता है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी काफी देर तक वहीं खड़ा रहा और जब उसे यकीन हो गया कि चंचल की मौत हो चुकी है, तभी वह मौके से फरार हुआ। चंचल के परिजनों ने इस घटना को साजिशन हत्या बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर आशंका जताई है कि चंचल की हत्या धार्मिक कारणों से की गई हो सकती है। इस घटना के बाद बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल है। हिंदू संगठनों ने घटना को लेकर गहरा आक्रोश जताया है और सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
लगातार निशाने पर हिंदू अल्पसंख्यक
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में तेजी आई है। यह सिलसिला छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद और तेज हो गया। 18 दिसंबर को ईशनिंदा के आरोप में कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में उसके शव को जला दिया गया था।
इसके बाद राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल की भीड़ द्वारा हत्या, हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास की हत्या और पेट्रोल पंप कर्मचारी रिपन साहा को वाहन से कुचलने जैसी घटनाएं सामने आईं। इन लगातार हो रही वारदातों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की जानकारी बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाहउद्दीन शोएब चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है। उन्होंने बताया कि यह वारदात शुक्रवार देर रात की है, जब चंचल काम खत्म करने के बाद उसी गैराज में सो रहा था, जहां वह बीते छह वर्षों से काम कर रहा था।
सलाहउद्दीन चौधरी के मुताबिक, चंचल चंद्र भौमिक कोमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था। पिता की मृत्यु के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी मां गंभीर रूप से बीमार रहती है और उसका एक भाई दिव्यांग है। रोजी-रोटी के लिए चंचल नरसिंहदी में रूबल मियां के गैराज में काम करता था और वहीं रहता भी था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ दिखाई देता है कि देर रात एक व्यक्ति गैराज में पहुंचता है, पेट्रोल डालता है और आग लगा देता है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी काफी देर तक वहीं खड़ा रहा और जब उसे यकीन हो गया कि चंचल की मौत हो चुकी है, तभी वह मौके से फरार हुआ। चंचल के परिजनों ने इस घटना को साजिशन हत्या बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर आशंका जताई है कि चंचल की हत्या धार्मिक कारणों से की गई हो सकती है। इस घटना के बाद बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल है। हिंदू संगठनों ने घटना को लेकर गहरा आक्रोश जताया है और सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
लगातार निशाने पर हिंदू अल्पसंख्यक
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में तेजी आई है। यह सिलसिला छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद और तेज हो गया। 18 दिसंबर को ईशनिंदा के आरोप में कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में उसके शव को जला दिया गया था।
इसके बाद राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल की भीड़ द्वारा हत्या, हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास की हत्या और पेट्रोल पंप कर्मचारी रिपन साहा को वाहन से कुचलने जैसी घटनाएं सामने आईं। इन लगातार हो रही वारदातों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।