इतिहास रचने जा रहा Artemis II, चांद के पास तक जाएगी इंसानों की उड़ान
Washington : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने बहुप्रतीक्षित Artemis II मिशन के लॉन्च की सभी अंतिम तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह मिशन 1 अप्रैल को केनेडी अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा। नासा के मुताबिक, 1972 में समाप्त हुए Apollo program के बाद यह पहला अवसर होगा जब इंसानों को चंद्रमा के आसपास की यात्रा पर भेजा जाएगा।
इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री करीब 10 दिनों की यात्रा पर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाकर पृथ्वी पर लौटेंगे। यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि अपोलो कार्यक्रम के बाद पहली बार इंसान लो-अर्थ ऑर्बिट (पृथ्वी की निचली कक्षा) से बाहर यात्रा करेंगे।
मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्रियों में रीड वाइज़मैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। इन सभी ने इस मिशन के लिए कई वर्षों तक विशेष प्रशिक्षण लिया है।
मिशन के दौरान टीम का नेतृत्व रीड वाइज़मैन करेंगे, जो पहले भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा कर चुके हैं। वहीं विक्टर ग्लोवर ने पहले स्पेसएक्स क्रू-1
मिशन में उड़ान भरी थी। क्रिस्टीना कोच सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष उड़ान भरने वाली महिला अंतरिक्ष यात्री का रिकॉर्ड बना चुकी हैं, जबकि जेरेमी हैनसेन इस मिशन के जरिए पहली बार अंतरिक्ष यात्रा करेंगे।
इस मिशन को नासा के अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणाली (SLS) रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा और इसमें ओरियन अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल होगा। इस दौरान ओरियन स्पेसक्राफ्ट के लाइफ-सपोर्ट सिस्टम को पहली बार इंसानों के साथ टेस्ट किया जाएगा।
लॉन्च के बाद स्पेसक्राफ्ट पहले पृथ्वी की ऊंची कक्षा में जाएगा और फिर फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी के जरिए चंद्रमा के दूर वाले हिस्से का चक्कर लगाकर वापस पृथ्वी पर लौट आएगा। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त ईंधन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नासा के अनुसार, लॉन्च के दिन मौसम अनुकूल रहने की संभावना करीब 80 प्रतिशत है, हालांकि बादल और तेज हवाएं कुछ चुनौती पैदा कर सकती हैं।
माना जा रहा है कि इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी बना सकते हैं। फिलहाल यह रिकॉर्ड Apollo 13 मिशन के नाम दर्ज है। विशेषज्ञों के अनुसार, Artemis II भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इसी कार्यक्रम के तहत आगे चलकर चंद्रमा पर मानव मिशन और फिर मंगल ग्रह तक इंसानों को भेजने की योजना है।