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बच्चे ने नहीं पहनी सीटबेल्ट तो 24 घंटे लेट हुई फ्लाइट, एक जिद ने बिगाड़ा पूरा शेड्यूल

कनाडा के विक्टोरिया एयरपोर्ट पर बच्चे के सीटबेल्ट पहनने से इनकार के कारण पोर्टर एयरलाइंस की फ्लाइट करीब 24 घंटे लेट हो गई। सुरक्षा नियमों के चलते विमान को वापस टर्मिनल लाना पड़ा। एयरपोर्ट बंद होने के कारण उड़ान अगले दिन के लिए टल गई, जिससे सैकड़ों यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
 

कनाडा: कनाडा के विक्टोरिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बच्चे के सीटबेल्ट पहनने से इनकार ने सैकड़ों विमान यात्रियों की यात्रा करीब 24 घंटे पीछे कर दी। 6 अगस्त को विक्टोरिया से टोरंटो जाने वाली पोर्टर एयरलाइंस की फ्लाइट PD4444 उड़ान भरने के लिए तैयार थी, लेकिन टेकऑफ से ठीक पहले क्रू ने देखा कि एक बच्चा सीटबेल्ट पहनने को तैयार नहीं है। सुरक्षा नियमों के चलते विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया और आखिरकार पूरी फ्लाइट को अगले दिन के लिए रीशेड्यूल करना पड़ा।

क्रू और माता-पिता ने बच्चे को मनाने की कोशिश की

फ्लाइट के उड़ान भरने से पहले क्रू मेंबर्स और बच्चे के माता-पिता ने उसे सीटबेल्ट पहनाने और समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन बच्चा तैयार नहीं हुआ। एयरलाइन के मुताबिक, विमान में ऐसी स्थिति में उड़ान भरना संभव नहीं था, क्योंकि सीटबेल्ट से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी था।

बच्चे के सीटबेल्ट नहीं पहनने के कारण विमान को टर्मिनल की ओर वापस लाया गया और सभी यात्रियों को उतारना पड़ा। इसके बाद बच्चे और उसके माता-पिता को विमान से उतारने के साथ उनका सामान निकालने और जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने में भी समय लगा।

एयरपोर्ट बंद होने से अगले दिन की गई उड़ान

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। विक्टोरिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट रात 12:30 बजे बंद हो जाता है। ऐसे में विमान के दोबारा उड़ान भरने का विकल्प उपलब्ध नहीं रहा। इसके चलते फ्लाइट को अगले दिन 7 अगस्त रात 10:49 बजे के लिए रीशेड्यूल किया गया।

इस तरह यात्रियों को करीब 24 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। विमान आखिरकार शनिवार सुबह टोरंटो पहुंचा। हालांकि, देरी के कारण परेशान हुए यात्रियों को एयरलाइन की ओर से किसी तरह का मुआवजा मिला या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

बच्चे को विमान से उतारना था दूसरा विकल्प

एयरलाइन के सामने एक विकल्प यह भी था कि बच्चे और उसके माता-पिता को फ्लाइट से उतार दिया जाए और बाकी यात्रियों के साथ विमान को रवाना कर दिया जाए। हालांकि, जब तक विमान को गेट पर वापस लाया गया, परिवार और उसका सामान उतारा गया तथा जरूरी प्रक्रिया पूरी हुई, तब तक एयरपोर्ट के बंद होने का समय करीब आ चुका था।

नतीजा यह रहा कि सिर्फ एक यात्री से जुड़ी सुरक्षा समस्या का असर पूरी फ्लाइट के शेड्यूल पर पड़ा और बाकी यात्रियों को भी लंबा इंतजार करना पड़ा।

सोशल मीडिया पर माता-पिता को लेकर बहस

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर माता-पिता की भूमिका को लेकर बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि बच्चे को सीटबेल्ट पहनाने में माता-पिता सफल क्यों नहीं हो सके।

Reddit पर एक यूजर ने दावा किया कि माता-पिता ने बच्चे को रोकने के बजाय सीटबेल्ट न पहनने को उसका अधिकार बताया। वहीं, X पर कुछ यूजर्स ने माता-पिता पर जुर्माना लगाने की बात कही। एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि बच्चे और उसके माता-पिता को विमान से उतारकर बाकी यात्रियों को रवाना कर देना चाहिए था।

हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आई इन प्रतिक्रियाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना ने एक बार फिर विमान में यात्रियों, खासकर बच्चों से जुड़े सुरक्षा नियमों के पालन और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।