{"vars":{"id": "130921:5012"}}

ईरान की धमकी के बाद ट्रंप को बचाने का गुप्त ऑपरेशन, कैटरिंग ट्रक से बदला विमान, Air Force One बना डिकॉय

ईरान से संभावित हत्या के खतरे के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तुर्किये से गुप्त तरीके से बाहर निकाला गया। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप को कैटरिंग ट्रक के जरिए Air Force One से C-32A सैन्य विमान में शिफ्ट किया गया, जबकि पुराना विमान डिकॉय बना रहा।
 

Trump Secret Plane Swap: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्किये से ब्रिटेन रवाना होने की पूरी कहानी अब सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से जुड़े संभावित हत्या के खतरे के बीच ट्रंप को बेहद गुप्त तरीके से एक विमान से दूसरे विमान में शिफ्ट किया गया था। इस ऑपरेशन में पुराना Air Force One एक डिकॉय के तौर पर इस्तेमाल किया गया, जबकि ट्रंप को एयरपोर्ट के एक कैटरिंग ट्रक के जरिए छोटे सैन्य विमान तक पहुंचाया गया।

कैमरों के सामने Air Force One में सवार हुए ट्रंप

तुर्किये के अंकारा में NATO Summit के बाद ट्रंप के रवाना होने का दृश्य पूरी तरह सामान्य नजर आया। कैमरों के सामने वह पुराने Air Force One में सवार हुए और ऐसा लगा कि वह इसी विमान से ब्रिटेन जाएंगे।

व्हाइट हाउस की ओर से भी पहले यही संकेत दिया गया था कि ट्रंप पुराने राष्ट्रपति विमान से रवाना होंगे। ट्रंप ने खुद भी पुराने विमान से यात्रा को पुराने समय की याद से जोड़ते हुए इसे प्रतीकात्मक फैसला बताया था। लेकिन पर्दे के पीछे कहानी कुछ और थी।

कैटरिंग ट्रक के जरिए बदला गया विमान

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप और उनके कुछ सहयोगी पुराने Air Force One में सवार होने के बाद एक कैटरिंग ट्रक की मदद से विमान से बाहर निकले। यह ट्रक विमान के दूसरी तरफ लगाया गया था, जिससे ट्रंप और उनके सहयोगी लोगों की नजर से बचकर बाहर निकल सके।

इसके बाद ट्रंप को एक छोटे C-32A सैन्य विमान तक पहुंचाया गया। यह विमान वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों की यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मीडिया कैमरों का ध्यान दूसरी तरफ होने के दौरान ट्रंप की वास्तविक लोकेशन छिपाने का यह पूरा ऑपरेशन अंजाम दिया गया।

घंटों तक छिपी रही ट्रंप की असली लोकेशन

इस योजना की खास बात यह थी कि ट्रंप की वास्तविक लोकेशन कई घंटों तक सार्वजनिक नहीं हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ पत्रकारों और यहां तक कि व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी यह जानकारी नहीं थी कि राष्ट्रपति असल में किस विमान में मौजूद हैं।

C-32A और डिकॉय के तौर पर इस्तेमाल किया गया Air Force One बाद में ब्रिटेन पहुंचे। दोनों विमानों के बीच कुछ ही मिनटों का अंतर था, जिससे सार्वजनिक तौर पर यही धारणा बनी रही कि ट्रंप पुराने Air Force One से ही यात्रा कर रहे थे।

ट्रंप तुर्किये गए थे कतर से मिले नए Boeing में

इस पूरे घटनाक्रम का एक अहम पहलू कतर की ओर से मिले नए Boeing 747-8 से भी जुड़ा है। ट्रंप तुर्किये पहुंचे तो इसी नए विमान का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन वापस लौटते समय उन्होंने पुराने Air Force One को सार्वजनिक रूप से चुना।

रिपोर्टों में बताया गया है कि नए विमान की सुरक्षा क्षमताओं को लेकर भी सवाल उठे हैं। खास तौर पर पुराने Air Force One में मौजूद कुछ सुरक्षा और रक्षात्मक प्रणालियों की तुलना में नए विमान को लेकर चर्चा हुई है।

नए Air Force One की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

कतर से मिले Boeing विमान में व्यापक स्तर पर काम किया गया है और इसे राष्ट्रपति के इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है। हालांकि, इसकी सुरक्षा क्षमताओं को लेकर सवाल सामने आने के बाद अतिरिक्त अपग्रेड की बात भी कही गई है।

व्हाइट हाउस ने इन चिंताओं के बीच नए विमान का बचाव किया है। संचार निदेशक स्टीवन चियोंग ने कहा कि विमान में राष्ट्रपति और उनके स्टाफ की सुरक्षा के लिए उच्च स्तर के सुरक्षा प्रोटोकॉल मौजूद हैं।

पहले भी इस्तेमाल हो चुका है ऐसा डिकॉय प्लान

राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए एक विमान को डिकॉय के तौर पर इस्तेमाल करना पूरी तरह अभूतपूर्व नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2000 में पाकिस्तान यात्रा के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के लिए भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई थी।

ऐसे ऑपरेशन का उद्देश्य राष्ट्रपति की वास्तविक लोकेशन को संभावित हमलावरों या अन्य खतरों से छिपाना होता है। ट्रंप के मामले में यह कदम ईरान से जुड़े संभावित हत्या के खतरे के बीच उठाया गया बताया जा रहा है।

ईरानी खतरे के बीच सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी

ट्रंप की तुर्किये से गुप्त तरीके से निकासी ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद गंभीर बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों के सामने राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर विश्वसनीय खतरा था, जिसके बाद यात्रा की योजना में यह असाधारण बदलाव किया गया। व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट के सामने आने के बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर अपनाए जाने वाले व्यापक सुरक्षा उपायों पर जोर दिया है।