Flydubai Flight Hijack: को-पायलट का खतरनाक प्लान आया सामने, 9/11 जैसा हमला करने का था इरादा!
दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai फ्लाइट में को-पायलट द्वारा पायलट पर हमले के मामले में जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, को-पायलट हमाम अल-हम्मामी विमान को हाईजैक कर तेल अवीव में क्रैश कराने की योजना बना रहा था। भारतीय पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
Flydubai Flight Hijack: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट द्वारा भारतीय पायलट पर हमले के मामले में जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, ओमानी नागरिक को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान को हाईजैक कर तेल अवीव में क्रैश कराने की योजना बनाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसका इरादा कैप्टन स्मित मच्छार को रास्ते से हटाकर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का था।
पायलट को मारकर विमान क्रैश कराने की थी योजना
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमाम अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मच्छार की हत्या करने, विमान के इंजन बंद करने और फिर विमान को तेल अवीव में किसी इमारत से टकराने की योजना बनाई थी।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को संदेह है कि विमान को तेल अवीव के किसी प्रमुख स्थान या बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मौजूद दूसरे विमान से टकराने के लिए इस्तेमाल करने की योजना भी हो सकती थी। हालांकि, जांच अभी जारी है और इस साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
फ्लाइट में अचानक पायलट पर कर दिया हमला
यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में मौजूद कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। करीब 30 सेकंड में विमान ने लगभग 16,000 फीट की ऊंचाई गंवा दी। स्थिति बेहद गंभीर होने के बावजूद घायल कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद विमान में मौजूद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर हमलावर को काबू किया।
सऊदी अरब में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
कॉकपिट में हुए हमले के बाद विमान को सामान्य गंतव्य तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने भी स्थिति संभालने में मदद की।
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर स्थिति के बावजूद कॉकपिट का नियंत्रण बनाए रखने और दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू ने मिलकर को-पायलट को काबू किया।
क्या अकेले हमाम ने रची थी साजिश?
शुरुआती इजरायली जांच के अनुसार, 29 वर्षीय हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर यह हमला अकेले किया। वह फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात की हिरासत में है और मामले की जांच चल रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम के किसी चरमपंथी संगठन से संबंध थे या नहीं और क्या विमान को निशाना बनाने की योजना में उसके साथ कोई और व्यक्ति शामिल था। फिलहाल किसी बड़े आतंकी संगठन से उसके सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
ऑस्ट्रेलिया तक पहुंची जांच की आंच
हमाम अल-हम्मामी के अतीत की भी जांच की जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी उसके ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने मेलबर्न में पढ़ाई की थी। इस दौरान उसके कथित चरमपंथी संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
विमान सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय विमान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि जिस व्यक्ति के अतीत को लेकर पहले से चिंताएं सामने आई थीं, वह फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बाद विदेशी उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के आदेश दिए हैं। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि अलग-अलग देशों के बीच सुरक्षा और खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था में कहीं कोई कमी तो नहीं रही।
भारतीय पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
फ्लाइट में हुई इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया था। विमान के तेजी से नीचे आने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने स्थिति संभालने की कोशिश जारी रखी। कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद अन्य लोगों के हस्तक्षेप से हमलावर को काबू किया गया और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतारा गया।
अब जांच एजेंसियां हमाम अल-हम्मामी की पृष्ठभूमि, कथित साजिश और सुरक्षा जांच में संभावित चूक के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।