व्हाइट हाउस के बाहर चली गोलियां! डोनालड ट्रंप थे अंदर मौजूद
व्हाइट हाउस चेकप्वाइंट पर फायरिंग से अमेरिका में हड़कंप मच गया। घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई में हमलावर को मार गिराया। इस घटना में एक राहगीर भी घायल हुआ। जानिए पूरी घटना, सुरक्षा एजेंसियों का बयान और जांच से जुड़ी अहम बातें।
White House Firing: अमेरिका से इस वक्त एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। राजधानी वॉशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार शाम अचानक फायरिंग होने से अफरा-तफरी मच गई। सबसे बड़ी बात यह रही कि घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। हालांकि सीक्रेट सर्विस की त्वरित कार्रवाई के चलते ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही गोली मार दी। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस दौरान एक राहगीर के घायल होने की भी खबर है।
व्हाइट हाउस चेकप्वाइंट पर अचानक शुरू हुई गोलीबारी
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे व्हाइट हाउस सुरक्षा चौकी के पास हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक संदिग्ध व्यक्ति चेकप्वाइंट के पास पहुंचा और अचानक अपने बैग से हथियार निकालकर तैनात अधिकारियों पर फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक चली गोलियों से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गोली मार दी।
अस्पताल ले जाने के बाद आरोपी की मौत
सीक्रेट सर्विस के अनुसार, गोली लगने के बाद आरोपी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने फिलहाल आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी का मकसद क्या था और क्या वह किसी बड़े हमले की योजना के तहत वहां पहुंचा था।
राहगीर भी गोलीबारी में घायल
इस फायरिंग में एक राहगीर के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसे संदिग्ध की गोली लगी या फिर जवाबी कार्रवाई के दौरान चली गोली से वह घायल हुआ। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
ट्रंप सुरक्षित, सीक्रेट सर्विस ने संभाला मोर्चा
सीक्रेट सर्विस ने साफ किया कि इस हमले में उनका कोई अधिकारी घायल नहीं हुआ। साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा। व्हाइट हाउस में मौजूद पत्रकारों ने भी कई गोलियों की आवाज सुनने की पुष्टि की। सुरक्षा कारणों से उन्हें तुरंत प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।
पूरे इलाके में हाई अलर्ट
मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि सीक्रेट सर्विस पूरे घटनास्थल की जांच कर रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे उस इलाके से दूर रहें। फायरिंग के बाद आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई और कई रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
नवंबर में भी हुआ था हमला
यह वही इलाका है जहां पिछले साल नवंबर में भी एक गंभीर गोलीबारी हुई थी। उस समय एक बंदूकधारी ने वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो जवानों पर हमला किया था।
उस हमले में अमेरिकी सेना की स्पेशलिस्ट सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई थी, जबकि एंड्रयू वोल्फ गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस मामले में रहमानुल्लाह लकनवाल नाम के आरोपी पर केस दर्ज किया गया था।
अमेरिका में फिर उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
व्हाइट हाउस जैसी दुनिया की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह के पास हुई इस घटना ने अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ रही हिंसक घटनाओं और राजनीतिक तनाव के बीच यह फायरिंग अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह अकेले व्यक्ति की हरकत थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क एक्टिव था।