Hormuz में फंसे जहाजों पर साइबर अटैक! Bitcoin में फिरौती मांग रहे इंटरनेशनल ठग
Hormuz Strait Crypto Scam: दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य इन दिनों सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव ही नहीं, बल्कि एक नए तरह के साइबर खतरे का भी सामना कर रहा है। यहां फंसे सैकड़ों जहाजों की स्थिति का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं, जो खुद को ईरानी अधिकारी बताकर शिपिंग कंपनियों से पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं।
कैसे चल रहा है ‘क्रिप्टो वसूली’ का यह खेल?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ठग शिपिंग कंपनियों को संदेश भेजते हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने के लिए पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके तहत जहाजों के दस्तावेज मांगे जाते हैं और फिर “फीस” के नाम पर क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान करने को कहा जाता है। इन ठगों द्वारा खास तौर पर Bitcoin और Tether जैसी डिजिटल करेंसी में भुगतान की मांग की जा रही है, ताकि लेनदेन को ट्रैक करना मुश्किल हो और पहचान छिपी रहे।
MARISKS की वॉर्निंग : यह पूरी तरह फर्जी ऑपरेशन
ग्रीक मैरीटाइम रिस्क एनालिसिस कंपनी MARISKS ने इस मामले को लेकर स्पष्ट चेतावनी जारी की है। कंपनी के अनुसार, यह सभी मैसेज पूरी तरह फर्जी हैं और इनका किसी भी आधिकारिक ईरानी एजेंसी से कोई संबंध नहीं है। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि कुछ जहाज इस जाल में फंस चुके हैं, जिससे यह मामला और गंभीर हो सकता है।
वैश्विक सप्लाई चेन पर मंडराता खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा या खतरा सीधे वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है। इस नए साइबर फ्रॉड के चलते शिपिंग कंपनियों में असमंजस और डर का माहौल है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि साइबर अपराधी अब पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर वैश्विक संकटों का फायदा उठा रहे हैं। समुद्र के बीच फंसे जहाजों को निशाना बनाना इस बात का उदाहरण है कि कैसे तकनीक और धोखाधड़ी का खतरनाक मेल नए-नए रूप ले रहा है।