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ईरान को परमाणु हथियार मिला तो दुनिया में मचेगी तबाही, ट्रंप ने कहा- हम उनके प्रस्तावों से खुश नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार मिलने पर वैश्विक खतरा बढ़ जाएगा। ट्रम्प ने ईरान के साथ समझौते पर भी अनिश्चितता जताई और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन पर तंज कसा।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपना ते हुए वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

इज़राइल, यूरोप और अमेरिका पर खतरे का दावा

ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार पहुंचते हैं, तो उसका इस्तेमाल जल्द ही इज़राइल, मध्य पूर्व और यहां तक कि यूरोप में भी हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में अमेरिका भी इसके निशाने पर आ सकता है। ट्रम्प के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।

ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर ट्रम्प ने साफ कहा कि वह मौजूदा बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं। उनके मुताबिक, तेहरान द्वारा भेजे गए प्रस्ताव उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं और बातचीत में हो रही देरी भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा नहीं है कि कोई ठोस समझौता हो पाएगा।

दुनिया को खतरे में नहीं डालेंगे

ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी हाल में दुनिया को जोखिम में नहीं डालेगा। उन्होंने कहा कि यदि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति दी गई, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि अंततः एक ऐसा समाधान निकाला जाएगा, जिससे दुनिया परमाणु हथियारों के खतरे से मुक्त रह सके।

तेल की कीमतों और वैश्विक असर पर टिप्पणी

बढ़ती तेल कीमतों पर भी ट्रम्प ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अन्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा तनाव खत्म होने के बाद स्थिति बेहतर हो सकती है।

मैक्रॉन पर साधा निशाना

इस दौरान ट्रम्प ने Emmanuel Macron पर भी तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी देकर फ्रांस को दवाओं की ऊंची कीमतें स्वीकार करने के लिए मजबूर किया था। यह बयान दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक तनाव की ओर इशारा करता है।