भारत-रूस संबंधों में व्यापार और रोजगार पर जोर, 2030 तक 100 अरब डॉलर के कारोबार का लक्ष्य
भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर और निवेश को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। राजदूत विनय कुमार के मुताबिक, रूस के विदेशी कामगार कोटे में भारतीयों की हिस्सेदारी करीब 25-30 प्रतिशत है। सितंबर में भारत ने रूस से रोजाना 18.2 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया।
India-Russia Trade: भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों देशों की सरकारों को आपसी सहयोग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। व्यापार के साथ-साथ दोनों देश द्विपक्षीय निवेश बढ़ाने और रूस की जरूरतों के अनुरूप भारतीय कुशल कामगारों की उपलब्धता पर भी काम कर रहे हैं।
मोदी और पुतिन ने सहयोग बढ़ाने के दिए निर्देश
रूसी समाचार एजेंसी तास को दिए एक इंटरव्यू में भारतीय राजदूत विनय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी।
इंटरव्यू के मुताबिक, दोनों नेताओं ने संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को व्यापार एवं वाणिज्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य भारत और रूस के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना है।
100 अरब डॉलर का व्यापार, 50 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य
राजदूत विनय कुमार ने बताया कि भारत और रूस 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही दोनों देशों का लक्ष्य द्विपक्षीय निवेश को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाना है। इन लक्ष्यों के तहत व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ निवेश सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
रूस में भारतीय कुशल कामगारों की भूमिका बढ़ाने की तैयारी
भारत और रूस के बीच सहयोग का एक अहम क्षेत्र श्रम और कुशल कामगारों की उपलब्धता भी है। विनय कुमार ने कहा कि भारत का लक्ष्य रूस की जरूरतों के अनुसार वहां कुशल कामगार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि विदेशी कामगारों के लिए रूस के कोटे में भारतीयों की हिस्सेदारी करीब 25 से 30 प्रतिशत है। राजदूत के अनुसार, लगभग 1.5 अरब की आबादी वाला भारत कुशल कर्मियों के लिए वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता रखता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में कार्यबल की औसत आयु 29 वर्ष है और देश की आबादी में कामकाजी लोगों की हिस्सेदारी लगभग 69 प्रतिशत है।
सितंबर में रूस से रोजाना 18.2 लाख बैरल कच्चा तेल आयात
भारत और रूस के व्यापारिक संबंधों में कच्चे तेल का भी अहम स्थान है। जहाजों की आवाजाही पर आधारित केप्लर के विश्लेषण के मुताबिक, भारत ने सितंबर में रूस से प्रतिदिन औसतन करीब 18.2 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया। इसी अवधि में चीन का रूस से कच्चे तेल का आयात लगभग 14.9 लाख बैरल प्रतिदिन रहा।
आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जून में रूस से रोजाना करीब 26 लाख बैरल और जुलाई में 25.7 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया था। जुलाई के मुकाबले सितंबर में आयात करीब 29 प्रतिशत कम रहा।
वहीं, अगस्त में भारत ने रूस से प्रतिदिन लगभग 20.2 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा था। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में रूस से भारत का कच्चे तेल का आयात पिछले महीनों की तुलना में घटा, हालांकि उस महीने भारत का आयात चीन से अधिक रहा।