ईरान ने सऊदी अरब की रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, ब्रेंट क्रूड ऑयल कीमतों में भारी उछाल
मध्य पूर्व में तेज हो रही इजराइल-अमेरिका-ईरान जंग अब तेल उत्पादन और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल रही है। रॉयटर्स और ब्लूमबर्ग जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका-इजराइल के हमलों के जवाब में सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के सबसे महत्वपूर्ण ठिकानों में से एक रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है।
यह हमला 2 मार्च 2026 को हुआ, जिसमें शाहेद-136 जैसे ड्रोन का इस्तेमाल बताया जा रहा है। हमले से रिफाइनरी में छोटी आग लगी, जिसे जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि, सुरक्षा कारणों से अरामको ने रास तनुरा रिफाइनरी (क्षमता: 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन) को पूरी तरह बंद कर दिया है। यह सुविधा सऊदी क्रूड ऑयल के निर्यात का प्रमुख केंद्र भी है।
अरामको के सूत्रों ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ, लेकिन एहतियाती कदम उठाया गया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कुछ ड्रोनों को रोक लिया गया था, लेकिन हमला सफल रहा।
इस घटना की खबर फैलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 9% से अधिक बढ़कर हाल के उच्च स्तर पर पहुंच गईं, जबकि कुछ रिपोर्टों में 13% तक की तेजी का जिक्र है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष लंबा चला और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी बाधित हुई, तो ईंधन की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।
यह हमला ईरान के जवाबी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है, जो अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुआ। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से दुनिया भर में तेल सप्लाई को लेकर चिंता गहरा गई है।