3 साल तक हमास अटैक में मारी गई प्रेमिका की कब्र पर जाता रहा इजराइली युवक... फिर वहीं खुद को मार ली गोली!
हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले में प्रेमिका को खोने वाले इजराइली युवक बार अशरफ ने करीब तीन साल बाद उसकी कब्र के पास आत्महत्या कर ली। यह घटना नोवा म्यूजिक फेस्टिवल त्रासदी के मानसिक प्रभाव और युद्ध के गहरे जख्मों को फिर सामने लेकर आई है।
Israel Hamas War: हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले की दर्दनाक यादें आज भी हजारों लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही हैं। इसी त्रासदी से जुड़ी एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को भावुक कर दिया। अपनी प्रेमिका को नोवा म्यूजिक फेस्टिवल हमले में खो चुके 30 वर्षीय इजराइली युवक बार अशरफ ने करीब तीन साल बाद उसकी कब्र के पास खुद को गोली मारकर जीवन समाप्त कर लिया। यह घटना युद्ध के बाद मानसिक आघात (Trauma) से जूझ रहे लोगों की पीड़ा को फिर उजागर करती है।
प्रेमिका की कब्र के पास मिला शव
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बार अशरफ का शव शनिवार को वेस्ट बैंक के एल्काना स्थित कब्रिस्तान में मिला, जहां उनकी प्रेमिका लिरोन बार्दा को दफनाया गया था। उनके सीने में गोली लगी थी। सूचना मिलते ही आपातकालीन चिकित्सा दल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिवार की शादी से अचानक निकले, फिर लौटकर नहीं आए
बताया गया कि बार अशरफ अपने परिवार के एक विवाह समारोह में शामिल थे। कुछ समय बाद वह चुपचाप वहां से निकल गए। जब काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। उनकी बहन सबसे पहले लिरोन की कब्र पर पहुंची, जहां उसने बार अशरफ को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। पास में हथियार भी मिला।
हमास हमले में मारी गई थीं लिरोन बार्दा
लिरोन बार्दा वर्ष 2023 में नोवा म्यूजिक फेस्टिवल में बार मैनेजर के रूप में काम कर रही थीं। हमास के हमले के दौरान उन्हें वहां से निकलने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने घायल लोगों की मदद करने के लिए रुकने का फैसला किया। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। उनके पिता ने बाद में बताया था कि उन्होंने बेटी से वहां से निकलने की अपील की थी, लेकिन उसने घायलों को छोड़ने से इनकार कर दिया था।
तीन साल तक नहीं भूल पाए प्रेमिका की याद
परिजनों के मुताबिक, लिरोन की मौत के बाद बार अशरफ पूरी तरह बदल गए थे। वह अक्सर उनकी कब्र पर जाते थे, उनके परिवार के संपर्क में रहते थे और उनकी याद में टैटू भी बनवाया था। उनकी मां ने बताया कि कुछ दिन पहले भी उन्होंने कहा था कि वह आज भी लिरोन को उतना ही याद करते हैं और कोई भी उनकी जगह नहीं ले सकता।
नोवा हमले के जख्म अब भी ताजा
विशेषज्ञों का कहना है कि 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद बड़ी संख्या में बचे हुए लोग गंभीर मानसिक तनाव और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) से जूझ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नोवा फेस्टिवल से जुड़े कई लोग बीते वर्षों में आत्महत्या कर चुके हैं। बार अशरफ की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि युद्ध केवल जान ही नहीं लेता, बल्कि कई लोगों की मानसिक दुनिया भी हमेशा के लिए बदल देता है।