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जयशंकर की पुतिन से मुलाकात, पीएम मोदी का संदेश लेकर मॉस्को पहुंचे विदेश मंत्री, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो दिवसीय रूस यात्रा पर मॉस्को पहुंचे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और हाईटेक सहयोग पर चर्चा की। बैठक में SCO और BRICS शिखर सम्मेलन का मुद्दा भी उठा। जयशंकर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे।
 

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो दिवसीय रूस यात्रा पर मॉस्को पहुंचे हैं। सोमवार को उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में भारत-रूस के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के साथ-साथ व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और हाईटेक क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान आगामी SCO और BRICS शिखर सम्मेलनों को लेकर भी बातचीत हुई।

पुतिन को पीएम मोदी का संदेश लेकर पहुंचे जयशंकर

राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठक की शुरुआत में एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने पुतिन के लिए एक निजी संदेश भी भेजा है, जिसे वह उन्हें सौंपना चाहते हैं।

जयशंकर ने कहा कि भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक हुई है और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग से जुड़ी रिपोर्ट सकारात्मक है। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु और दूसरे क्षेत्रों में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ा है और इन क्षेत्रों में आगे भी विस्तार की काफी संभावनाएं हैं।

SCO और BRICS को लेकर भी हुई चर्चा

जयशंकर ने पुतिन से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO शिखर सम्मेलन में उनसे मिलने के लिए उत्सुक हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति का स्वागत करने की बात भी कही। भारत में 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित होना प्रस्तावित है। इस दौरान पुतिन की भारत यात्रा भी संभावित है।

जयशंकर ने बैठक में कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग का दायरा लगातार मजबूत हो रहा है और दोनों देशों के पास आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार मौजूद है।

पुतिन बोले- भारत के साथ बढ़ रहा है व्यापार

बैठक के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश सरकारी और संसदीय संबंधों के साथ-साथ आर्थिक क्षेत्र में भी सहयोग कर रहे हैं।

पुतिन ने कहा कि इस साल दोनों देशों के बीच व्यापार में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने पर दिए जा रहे व्यक्तिगत ध्यान का भी उल्लेख किया। रूसी राष्ट्रपति ने जयशंकर से प्रधानमंत्री मोदी तक अपनी शुभकामनाएं पहुंचाने का अनुरोध किया और कहा कि वह SCO के तहत जल्द ही उनसे मुलाकात की उम्मीद करते हैं।

उर्वरक, ऊर्जा और परमाणु सहयोग पर जोर

पुतिन ने बातचीत के दौरान उर्वरक आपूर्ति को महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि रूस भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है।

बैठक में ऊर्जा के अलावा परमाणु ऊर्जा, हाईटेक सेक्टर और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग को भी एजेंडे में शामिल किया गया। पुतिन ने कहा कि इन क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अच्छी गति से काम आगे बढ़ रहा है।

मंतुरोव के साथ अंतर-सरकारी आयोग की बैठक

जयशंकर ने रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता भी की। इस आयोग में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस की साझेदारी ने बदलती परिस्थितियों के बीच भी मजबूती और अनुकूलन की क्षमता दिखाई है। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को आपसी हित और भरोसे पर आधारित बताया।

सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे जयशंकर

रूस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपने रूसी समकक्ष और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और रूस के बीच व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।