चेन्नई से व्हाइट हाउस तक का सफर...कौन हैं श्रीराम कृष्णन? जिन्होंने ट्रंप के AI एडवाइजर के पद से दिया रिजाइन
Jun 7, 2026, 14:48 IST
भारतीय मूल के प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और AI नीति सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने व्हाइट हाउस में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि जून 2026 के अंत में वह अमेरिकी प्रशासन में अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएंगे। श्रीराम कृष्णन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पॉलिसी एडवाइजर के रूप में कार्य कर रहे थे।
करीब 18 महीने तक इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहने के बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए संदेश में कृष्णन ने व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल को सम्मान और सीख से भरा अनुभव बताया।
पद छोड़ने के बाद लेंगे ब्रेक
श्रीराम कृष्णन ने कहा कि व्हाइट हाउस से विदाई के बाद वह कुछ समय का अवकाश लेंगे। इसके बाद अमेरिका के सामने AI क्षेत्र से जुड़ी बड़ी चुनौतियों और अवसरों पर काम करेंगे। हालांकि उन्होंने अपने अगले प्रोजेक्ट या भूमिका के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की और कहा कि इसकी घोषणा उचित समय पर की जाएगी।
ट्रंप के नेतृत्व की सराहना
अपने संदेश में कृष्णन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थिति में है और इसका बड़ा श्रेय ट्रंप के नेतृत्व को जाता है।
कृष्णन के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने AI को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया और कई ऐसी नीतियां तैयार कीं, जिन्होंने अमेरिका को इस क्षेत्र में मजबूत बढ़त दिलाने में मदद की।
कई अहम AI योजनाओं पर किया काम
अपने कार्यकाल के दौरान श्रीराम कृष्णन ने अमेरिका की कई महत्वपूर्ण AI परियोजनाओं और नीतियों में योगदान दिया। इनमें शामिल हैं—
अमेरिकन AI एक्शन प्लान
अमेरिका की AI क्षमता बढ़ाने के लिए साझेदारी कार्यक्रम
राष्ट्रीय AI नीति ढांचा (National AI Policy Framework)
AI नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाली रणनीतियां
उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य अमेरिका को AI तकनीक के क्षेत्र में विश्व नेतृत्व की स्थिति में बनाए रखना था।
कौन हैं श्रीराम कृष्णन?
Sriram Krishnan का जन्म भारत में हुआ और वह चेन्नई से संबंध रखते हैं। उन्होंने चेन्नई के SRM इंजीनियरिंग कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों में काम किया, जिनमें शामिल हैं—
Microsoft
Facebook
X (पूर्व में Twitter)
Snap Inc.
बाद में वह प्रसिद्ध निवेश फर्म Andreessen Horowitz से जुड़े और टेक निवेशक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।
एलन मस्क के करीबी सलाहकार भी रहे
श्रीराम कृष्णन को टेक उद्योग में एक प्रभावशाली रणनीतिकार माना जाता है। वह Elon Musk के करीबी सलाहकारों में भी शामिल रहे हैं और ट्विटर के अधिग्रहण के दौरान मस्क को सलाह देने वाली टीम का हिस्सा थे।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ 20 जनवरी 2025 को उन्होंने व्हाइट हाउस में AI पॉलिसी एडवाइजर के रूप में काम शुरू किया था। इससे पहले वर्ष 2024 में उन्हें सीनियर व्हाइट हाउस पॉलिसी एडवाइजर ऑन AI नियुक्त किया गया था।
व्हाइट हाउस से उनके इस्तीफे को अमेरिकी AI नीति जगत की एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह अपने अगले कदम के रूप में किस नई भूमिका में नजर आते हैं।
करीब 18 महीने तक इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहने के बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए संदेश में कृष्णन ने व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल को सम्मान और सीख से भरा अनुभव बताया।
पद छोड़ने के बाद लेंगे ब्रेक
श्रीराम कृष्णन ने कहा कि व्हाइट हाउस से विदाई के बाद वह कुछ समय का अवकाश लेंगे। इसके बाद अमेरिका के सामने AI क्षेत्र से जुड़ी बड़ी चुनौतियों और अवसरों पर काम करेंगे। हालांकि उन्होंने अपने अगले प्रोजेक्ट या भूमिका के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की और कहा कि इसकी घोषणा उचित समय पर की जाएगी।
ट्रंप के नेतृत्व की सराहना
अपने संदेश में कृष्णन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थिति में है और इसका बड़ा श्रेय ट्रंप के नेतृत्व को जाता है।
कृष्णन के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने AI को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया और कई ऐसी नीतियां तैयार कीं, जिन्होंने अमेरिका को इस क्षेत्र में मजबूत बढ़त दिलाने में मदद की।
कई अहम AI योजनाओं पर किया काम
अपने कार्यकाल के दौरान श्रीराम कृष्णन ने अमेरिका की कई महत्वपूर्ण AI परियोजनाओं और नीतियों में योगदान दिया। इनमें शामिल हैं—
अमेरिकन AI एक्शन प्लान
अमेरिका की AI क्षमता बढ़ाने के लिए साझेदारी कार्यक्रम
राष्ट्रीय AI नीति ढांचा (National AI Policy Framework)
AI नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाली रणनीतियां
उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य अमेरिका को AI तकनीक के क्षेत्र में विश्व नेतृत्व की स्थिति में बनाए रखना था।
कौन हैं श्रीराम कृष्णन?
Sriram Krishnan का जन्म भारत में हुआ और वह चेन्नई से संबंध रखते हैं। उन्होंने चेन्नई के SRM इंजीनियरिंग कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों में काम किया, जिनमें शामिल हैं—
Microsoft
X (पूर्व में Twitter)
Snap Inc.
बाद में वह प्रसिद्ध निवेश फर्म Andreessen Horowitz से जुड़े और टेक निवेशक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।
एलन मस्क के करीबी सलाहकार भी रहे
श्रीराम कृष्णन को टेक उद्योग में एक प्रभावशाली रणनीतिकार माना जाता है। वह Elon Musk के करीबी सलाहकारों में भी शामिल रहे हैं और ट्विटर के अधिग्रहण के दौरान मस्क को सलाह देने वाली टीम का हिस्सा थे।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ 20 जनवरी 2025 को उन्होंने व्हाइट हाउस में AI पॉलिसी एडवाइजर के रूप में काम शुरू किया था। इससे पहले वर्ष 2024 में उन्हें सीनियर व्हाइट हाउस पॉलिसी एडवाइजर ऑन AI नियुक्त किया गया था।
व्हाइट हाउस से उनके इस्तीफे को अमेरिकी AI नीति जगत की एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह अपने अगले कदम के रूप में किस नई भूमिका में नजर आते हैं।