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व्हाइट हाउस हमलावर की ‘हिटलिस्ट’ से काश पटेल का नाम था गायब? चिट्ठी से चौंकाने वाला खुलासा

व्हाइट हाउस डिनर में हमले से पहले हमलावर की चिट्ठी में टारगेट की पूरी सूची मिली है। इसमें कई बड़े अधिकारी शामिल थे, लेकिन एफबीआई निदेशक काश पटेल का नाम गायब था। आखिर क्यों रखा गया उन्हें बाहर? जांच एजेंसियां इस रहस्य की पड़ताल कर रही हैं।

 

White House Attack News: व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुए हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। अब इस घटना में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। हमलावर द्वारा लिखी गई चिट्ठी से यह खुलासा हुआ है कि उसने हमले से पहले ही अपने निशाने तय कर लिए थे। जांच में सामने आया कि हमलावर ने एक विस्तृत सूची तैयार की थी, जिसमें शीर्ष स्तर से लेकर निचले स्तर तक कई अधिकारियों के नाम शामिल थे।

लेकिन एक नाम क्यों नहीं था लिस्ट में?

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस तथाकथित ‘हिटलिस्ट’ में काश पटेल का नाम शामिल नहीं था। हमलावर ने अपने परिवार को भेजे गए मेनिफेस्टो में स्पष्ट रूप से लिखा कि वह किन-किन लोगों को निशाना बनाएगा, लेकिन एफबीआई निदेशक को इस सूची से बाहर रखा गया। हालांकि उसने ऐसा क्यों किया, इसका कोई स्पष्ट कारण उसने नहीं बताया। यही वजह है कि यह बिंदु जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

हमले से पहले परिवार को भेजा मेनिफेस्टो

जांच एजेंसियों के अनुसार, हमलावर कोल थॉमस एलन ने हमले से करीब दस मिनट पहले अपने परिवार को एक विस्तृत संदेश भेजा था। इस संदेश में उसने अपनी योजना, निशाने और हमले की सोच का जिक्र किया था। उसने यह भी लिखा कि वह कम से कम लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहता है, लेकिन अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

ट्रंप समेत शीर्ष अधिकारी थे निशाने पर

हमले के समय कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी और उपराष्ट्रपति सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। हमलावर की सूची में प्रशासन के उच्च पदों पर बैठे लोगों को प्राथमिकता के साथ शामिल किया गया था। यह भी सामने आया कि वह कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए पूरी तैयारी के साथ आया था।

तीन हथियार और पूरी प्लानिंग के साथ पहुंचा था आरोपी

जांच में पता चला है कि हमलावर अपने साथ तीन हथियार लेकर आया था और उसके पास पूरी योजना लिखित रूप में मौजूद थी। उसने यह भी उल्लेख किया था कि वह किस प्रकार के हथियार और गोलियों का इस्तेमाल करेगा, ताकि अपने लक्ष्य तक पहुंच सके।

हमले के पीछे की सोच भी आई सामने

मेनिफेस्टो में हमलावर ने अपनी मानसिकता और सोच को भी विस्तार से लिखा था। उसने अपने कदम को वैचारिक रूप से सही ठहराने की कोशिश की और कहा कि वह किसी अन्याय के खिलाफ खड़ा हो रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियां इस बयान को गंभीरता से लेते हुए उसकी पृष्ठभूमि और संभावित कनेक्शन की जांच कर रही हैं।

गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे और आरोप भी जोड़े जा सकते हैं।