होर्मुज स्ट्रेट में मिसाइल अटैक! ईरान ने तेल टैंकर को बनाया निशाना, क्या दुनिया में मचेगा ऑयल संकट?
New Delhi : ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध ने समुद्री मोर्चे पर नया मोड़ ले लिया है। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को दावा किया कि उसकी नौसेना ने उत्तरी फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर पर मिसाइल से हमला किया है। IRGC के मुताबिक, जहाज पर हमला हुआ और वो अभी जल रहा है। ईरान ने इसे अमेरिका के 'एग्रेशन' का जवाब बताया है।
ईरानी स्टेट मीडिया Mehr News के अनुसार, IRGC ने कहा कि ये हमला अमेरिका के 'एग्रेशन' का जवाब है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका, इजराइल या उनके सपोर्ट करने वाले यूरोपीय देशों के मिलिट्री या कमर्शियल जहाजों को पास नहीं होने दिया जाएगा। अगर ऐसे जहाज दिखे तो उन्हें टारगेट किया जाएगा। IRGC ने दोहराया कि युद्ध के समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल ईरान का है।
यह घटना कुछ घंटों बाद हुई जब अमेरिकी सबमरीन ने इंडियन ओशन में ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबो दिया था। वो जहाज भारत के MILAN 2026 नेवल एक्सरसाइज से लौट रहा था और इसमें 100 से ज्यादा क्रू मेंबर्स की मौत की आशंका जताई जा रही है। IRGC ने इसे 'बिना चेतावनी' का हमला बताया और कहा कि ये टिट-फॉर-टैट (जैसे-तैसे) कार्रवाई है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिका की तरफ से इस हमले की कोई पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका ने ईरानी दावों को 'फेक न्यूज' बताया है, लेकिन अगर ये सही साबित हुआ तो खाड़ी में शिपिंग पर खतरा बहुत बढ़ेगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 20% तेल गुजरता है और पहले ही कई टैंकरों पर हमले हो चुके हैं।
ईरान ने पहले भी दावा किया था कि उसने 3 अमेरिकी-ब्रिटिश टैंकर हिट किए और स्ट्रेट को 'क्लोज' कर दिया। लेकिन अमेरिका ने ईरान की नेवी को तबाह कर दिया है। 20 से ज्यादा जहाज डुबोए, जिसमें सुलैमानी क्लास भी शामिल है। CENTCOM का कहना है कि ईरान की नेवी अब 'मेमोरी' बन चुकी है।