NATO के सबसे सुरक्षित हेडक्वार्टर में जासूसी का शक! इंटर्न गिरफ्तार, चिनी कनेक्शन से बढ़ी चिंता
बेल्जियम में NATO के ऑपरेशनल हेडक्वार्टर में इंटर्न के तौर पर काम कर रही कनाडाई महिला को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांच में चीन से जुड़े संदिग्ध संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। जानिए पूरा मामला, NATO की प्रतिक्रिया और इससे जुड़ी बड़ी बातें।
NATO Intern Arrest: दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य गठबंधनों में शामिल NATO की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। बेल्जियम में NATO के ऑपरेशनल हेडक्वार्टर में इंटर्न के रूप में काम कर रही एक कनाडाई महिला को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में उस पर किसी तीसरे देश के लिए गोपनीय जानकारी जुटाने का संदेह जताया गया है। इस कार्रवाई के बाद NATO की सुरक्षा एजेंसियां और बेल्जियम की खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।
NATO की सूचना पर शुरू हुई जांच
बेल्जियम के फेडरल प्रॉसिक्यूटर कार्यालय के अनुसार, NATO की सुरक्षा सेवा से मिली जानकारी के बाद बेल्जियम की सैन्य खुफिया एजेंसी ने जांच शुरू की। इसके बाद शुक्रवार को चीनी मूल की कनाडाई नागरिक को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तारी से एक दिन पहले उसके घर और बेल्जियम के मॉन्स शहर स्थित NATO के ऑपरेशनल हेडक्वार्टर में उसके कार्यस्थल पर तलाशी भी ली गई।
किसी तीसरे देश के लिए जासूसी का आरोप
प्रॉसिक्यूटर कार्यालय ने बताया कि महिला पर किसी तीसरे देश के लिए जासूसी करने और एक आपराधिक संगठन का सदस्य होने का संदेह है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं कोई संवेदनशील जानकारी तो लीक नहीं हुई।
क्या है SHAPE, जहां काम करती थी संदिग्ध?
जिस सैन्य केंद्र में महिला इंटर्न के तौर पर कार्यरत थी, उसे SHAPE (Supreme Headquarters Allied Powers Europe) कहा जाता है। यह NATO का प्रमुख ऑपरेशनल कमांड सेंटर है और बेल्जियम के मॉन्स शहर में स्थित है।
यहीं पर सैन्य रणनीति तैयार की जाती है, संयुक्त अभियानों की योजना बनती है और NATO के कई महत्वपूर्ण सैन्य फैसलों का संचालन होता है। NATO का साइबर सुरक्षा केंद्र भी इसी परिसर में मौजूद है।
NATO ने क्या कहा?
SHAPE के प्रवक्ता कर्नल मार्टिन एल ओ'डोनेल ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि इस घटना से NATO की ऑपरेशनल तैयारी, कमांड सिस्टम या किसी सैन्य अभियान पर कोई असर पड़ा हो उन्होंने स्पष्ट किया कि NATO का कामकाज सामान्य रूप से जारी है और सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
चीन को पहले भी बता चुका है सुरक्षा चुनौती
कनाडा और बेल्जियम दोनों NATO के सदस्य देश हैं। NATO पहले ही रूस और मध्य-पूर्व से मिलने वाले खतरों के साथ-साथ चीन को भी अपनी सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बता चुका है। ऐसे में इस मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
ट्रंप के बयान के बीच बढ़ी हलचल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब NATO पहले से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर चर्चा में है। ट्रंप लगातार यूरोपीय देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क पर दबाव बनाने जैसे बयान भी दिए हैं, जिससे NATO के भीतर रणनीतिक चिंताएं बढ़ी हैं।
जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी
फिलहाल बेल्जियम की जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध महिला ने किसी संवेदनशील सैन्य या साइबर जानकारी तक पहुंच बनाई थी या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि मामला केवल संदेह तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क सक्रिय था।