तिब्बत से नेपाल तक कुदरत का कहर: 30 से ज्यादा देशों के लोग लापता, 36 घंटे बाद जानिए अब कैसे हैं हालात
तिब्बत में बुधवार को ग्लेशियर फटने के बाद चीन-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में बाढ़ और मलबे ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आए तेज बहाव की चपेट में कई इलाके आ गए। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं।
नेपाल में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक, गुरुवार शाम 5 बजे तक देश के आठ जिलों से 359 शव बरामद किए जा चुके थे। पुलिस प्रवक्ता अबी नारायण कफ्ले ने सोशल मीडिया के जरिए इन आंकड़ों की पुष्टि की।
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, रसुवा से 17, नुवाकोट से 28, धादिंग से 33, चितवन से 132, गोरखा से 30, तनहुँ से 22, नवलपरासी पूर्व से 82 और नवलपरासी पश्चिम से 15 शव बरामद हुए हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
हादसे के बाद नेपाल में पुलिस, सेना और दूसरी राहत एजेंसियां लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। बाढ़ के तेज बहाव और मलबे के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ ही लापता लोगों की तलाश की जा रही है। हालांकि, खराब मौसम, दुर्गम पहाड़ी इलाकों और तेज पानी के बहाव के कारण राहत एवं बचाव दलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विदेशी पर्यटकों की बड़ी संख्या लापता
इस आपदा में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 517 विदेशी पर्यटक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कई लोग ट्रैकिंग के लिए नेपाल पहुंचे थे, जबकि कुछ धार्मिक स्थलों की यात्रा पर थे।
चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता बताए गए हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी जानकारी दी है कि नेपाल की ओर से करीब 100 चीनी नागरिकों के लापता होने की सूचना मिली है।
अमेरिका और मलेशिया समेत कई देशों के नागरिक लापता
नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका के 65 नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। वहीं मलेशिया के 51 नागरिक लापता बताए गए हैं।
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने अपने 53 नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी है। इसके अलावा 46 विदेशी पर्यटकों का नेपाली अधिकारियों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
ऑस्ट्रेलिया के 35, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 25 नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि नेपाल में एक जलविद्युत परियोजना क्षेत्र में काम कर रहे उनके नौ नागरिक लापता हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के आठ-आठ नागरिक भी लापता हैं। दक्षिण अफ्रीका और लातविया के छह-छह तथा जापान के पांच नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
चुनौतीपूर्ण हालात में जारी है तलाश
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक पहुंचना और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। इसके बावजूद नेपाल और चीन की एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। जैसे-जैसे प्रभावित इलाकों तक पहुंच संभव हो रही है, मृतकों और लापता लोगों से जुड़े आंकड़े भी बदल रहे हैं। ऐसे में आने वाले घंटों में इस आपदा से हुए नुकसान की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।