मिडिल ईस्ट में युद्ध के आसार, अमेरिका ने ईरान पर हमले का ब्लूप्रिंट बनाया
Washington/Tehran : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अगर सीजफायर विफल होता है तो हालात और बिगड़ सकते हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका की सेना ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की विस्तृत योजना तैयार कर ली है।
होर्मुज के आसपास टारगेट
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना की नजर Strait of Hormuz के आसपास मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों पर है। इन ठिकानों में तेज हमला करने वाली बोट्स, समुद्र में माइंस बिछाने वाले जहाज, मिसाइल सिस्टम और ड्रोन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान समुद्री मार्गों पर नियंत्रण के लिए करता है।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ईरान पर दबाव बनाने के लिए उसके ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकता है। इसके अलावा वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व को भी टारगेट करने की संभावना जताई जा रही है।
होर्मुज बंद होने से बढ़ा संकट
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिविधियां बढ़ाने के बाद वैश्विक स्तर पर तेल और व्यापार आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसेना के करीब 19 युद्धपोत तैनात हैं, जिनमें दो एयरक्राफ्ट कैरियर शामिल हैं। इसके अलावा हिंद महासागर में भी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई गई है।
रणनीतिक दबाव और जोखिम
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह रणनीति ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए दबाव बनाने का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, इससे बड़े सैन्य टकराव और वैश्विक अस्थिरता का खतरा भी बढ़ सकता है।
हालात तेजी से बदल रहे हैं और कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। अब यह देखना अहम होगा कि दोनों देशों के बीच बातचीत सफल होती है या क्षेत्र में सैन्य टकराव और तेज हो जाता है।