{"vars":{"id": "130921:5012"}}

साइबेरिया में प्लेग का खौफ! लैब कर्मचारी की मौत के बाद अस्पतालों में क्वारंटीन, जांच जारी

 

Russia Plague Alert: रूस के साइबेरिया क्षेत्र में एक 28 वर्षीय लैब कर्मचारी की मौत के बाद संभावित प्लेग संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। महिला एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करती थी। उसकी मौत के बाद उसके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है। हालांकि, रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अभी तक प्लेग के प्रकोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

लैब कर्मचारी की मौत के बाद बढ़ी चिंता

मृत महिला की पहचान दरिया शिपिलोवा के रूप में हुई है। वह इरकुत्स्क क्षेत्र के एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में लैब तकनीशियन के तौर पर काम करती थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, शिपिलोवा की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत को लेकर संभावित प्लेग संक्रमण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन बीमारी की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है।

करीब 200 लोग मेडिकल निगरानी में

महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें मेडिकल निगरानी में रखा गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक करीब 200 लोगों पर नजर रखी जा रही है। अभी तक निगरानी में रखे गए लोगों में बीमारी के लक्षण या पॉजिटिव टेस्ट की पुष्टि नहीं हुई है।

रूसी अधिकारियों ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में क्वारंटीन और निगरानी संबंधी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

क्या लैब में हुआ था प्लेग बैक्टीरिया का एक्सपोजर?

इस मामले को लेकर सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि 25 सितंबर को लैब में काम करने के दौरान एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिसमें प्लेग के बैक्टीरिया Yersinia pestis होने की बात कही जा रही है।

हालांकि, यह बात अभी आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हुई है कि महिला की बीमारी या मौत इसी कथित लैब घटना की वजह से हुई। दूसरी रिपोर्टों में यह संभावना भी बताई गई है कि बीमारी का संबंध उनके काम से इतर किसी यात्रा या एक्सपोजर से हो सकता है।

अधिकारियों ने प्लेग के प्रकोप की पुष्टि नहीं की

रूस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने स्थिति को लेकर सावधानी बरतते हुए संक्रमण रोधी उपाय शुरू किए हैं। वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने महिला की बीमारी को अभी तक स्पष्ट रूप से प्लेग नहीं बताया है।

यही वजह है कि फिलहाल इसे संदिग्ध या संभावित प्लेग मामला कहना ज्यादा सही है। किसी बड़े प्लेग प्रकोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

अस्पतालों में भी एहतियाती कदम

महिला की मौत के बाद उसके संपर्क में आए लोगों की निगरानी के साथ-साथ स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं में भी संक्रमण नियंत्रण के उपाय किए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में अस्पतालों और अन्य चिकित्सा केंद्रों में क्वारंटीन व्यवस्था लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का फोकस फिलहाल संभावित संपर्कों की पहचान, मेडिकल निगरानी और संक्रमण की वजह की जांच पर है।

प्लेग कितना खतरनाक है?

प्लेग Yersinia pestis नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। इसका एक गंभीर रूप न्यूमोनिक प्लेग है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है और संक्रमित व्यक्ति से निकलने वाली श्वसन बूंदों के जरिए फैल सकता है। समय पर इलाज मिलने पर प्लेग का उपचार संभव है, लेकिन बिना उपचार के यह गंभीर और जानलेवा हो सकता है।

फिलहाल क्या स्थिति है?

साइबेरिया में इस घटना के बाद एहतियाती कदम जरूर उठाए गए हैं, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर प्लेग का प्रकोप कहना अभी जल्दबाजी होगी। एक लैब कर्मचारी की मौत और करीब 200 लोगों की निगरानी ने स्वास्थ्य संबंधी चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन संक्रमण की वजह और प्लेग से संबंध की पुष्टि के लिए जांच जारी है।

इसलिए फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि महिला की मौत वास्तव में प्लेग संक्रमण से हुई थी या किसी अन्य गंभीर बीमारी के कारण। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति की तस्वीर साफ हो सकेगी।