बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन : तारिक रहमान बने 11वें प्रधानमंत्री, बीएनपी की बंपर जीत के बाद ढाका में शपथ ग्रहण
Dhaka/New Delhi : बांग्लादेश में राजनीतिक इतिहास के एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई। बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने मंगलवार शाम ढाका के संसद भवन के साउथ प्लाजा में देश के 11वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें शपथ दिलाई। तारिक रहमान ने अंतरिम सरकार के प्रमुख नोबेल विजेता मोहम्मद यूनूस की जगह सत्ता संभाली है।
शपथ ग्रहण समारोह
शपथ ग्रहण शाम 4 बजे शुरू हुआ। तारिक रहमान के साथ नई कैबिनेट के मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई। प्रमुख मंत्रियों में शामिल हैं:
- विदेश मंत्री : डॉ. खलीलुर रहमान
- गृह मंत्री : सलाहुद्दीन अहमद
- वित्त एवं योजना मंत्री : डॉ. अमीर खसरू महमूद
- विदेश राज्य मंत्री : शमा ओबैद
कैबिनेट में मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, इकबाल हसन महमूद, मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम, अबू जफर मोहम्मद जाहिद हुसैन, खंडेकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, दीपेन दीवान (अल्पसंख्यक) सहित कई प्रमुख नेता शामिल हैं। राज्य मंत्रियों में अनिंद्य इस्लाम अमित, शमा ओबैद इस्लाम, बैरिस्टर कैसर कमाल, नुरुल हक नूर जैसे नाम हैं।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
समारोह में दुनिया भर से प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत से लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ढाका पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मलेशिया के प्रधानमंत्री, पाकिस्तान, मालदीव, तुर्की और श्रीलंका के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। चीन, सऊदी अरब, यूएई और ब्रुनेई को भी निमंत्रण भेजा गया था।
संसदीय दल का नेता चुने गए तारिक
शपथ ग्रहण से पहले सुबह 11:30 बजे बीएनपी की संसदीय दल की बैठक हुई, जिसमें तारिक रहमान को सर्वसम्मति से दल का नेता चुना गया। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं—जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान और नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम से मुलाकात की।
चुनाव परिणाम और राजनीतिक पृष्ठभूमि
हाल ही में हुए चुनाव में बीएनपी ने भारी बहुमत हासिल किया। 297 सीटों वाली संसद में बीएनपी को *209 सीटें* मिलीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी 68 सीटों पर सिमट गई। शेख हसीना की आवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई थी। चुनाव 12 फरवरी को हुआ था। अल्पसंख्यक समुदाय से 4 उम्मीदवार जीते, जिनमें 2 हिंदू बीएनपी के टिकट पर।
बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक हिंसा और छात्र आंदोलन के चलते शेख हसीना को पद से हटाया गया था। अंतरिम सरकार के बाद अब बीएनपी की पूर्ण सरकार ने सत्ता संभाली है।