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8 साल बाद चीन पहुंचे ट्रंप, ट्रेड से लेकर ईरान तक 7 बड़े मुद्दों पर होगी अहम बातचीत

 

New Delhi : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump मंगलवार रात चीन रवाना हो गए। ट्रंप 13 से 15 मई तक बीजिंग दौरे पर रहेंगे। करीब 8 साल बाद हो रहे इस दौरे को अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों को स्थिर करने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। इससे पहले ट्रंप 2017 में चीन गए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर और रणनीतिक तनाव लगातार बढ़ता गया।

इस बार ट्रंप का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ईरान युद्ध, वैश्विक व्यापार, AI टेक्नोलॉजी और ताइवान जैसे मुद्दों पर दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच टकराव बना हुआ है। हालांकि दोनों देश संबंधों में स्थिरता और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

ट्रंप-शी जिनपिंग के बीच इन 7 मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

1. व्यापार और टैरिफ

अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप प्रशासन पहले चीनी सामानों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दे चुका है। इस दौरे में दोनों देश व्यापारिक तनाव कम करने, ट्रेड ट्रूस बढ़ाने और नए व्यापारिक मंच तैयार करने पर चर्चा कर सकते हैं।

2. बोइंग विमान डील

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन अमेरिकी कंपनी Boeing से 500 बोइंग 737 MAX, 100 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर और कई 777X विमान खरीद सकता है। यह सौदा करीब 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का माना जा रहा है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी एविएशन डील्स में गिना जा सकता है।

3. अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद

ट्रेड वॉर के दौरान चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की जगह ब्राजील से खरीद बढ़ा दी थी, जिससे अमेरिकी किसानों को बड़ा नुकसान हुआ। अब संभावना है कि चीन फिर से अमेरिका से सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ा सकता है।

4. रेयर अर्थ मिनरल्स

इलेक्ट्रिक वाहन, डिफेंस सिस्टम, सेमीकंडक्टर और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए जरूरी रेयर अर्थ मिनरल्स पर भी चर्चा होगी। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है और अमेरिका अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।

5. AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी

AI टेक्नोलॉजी और चिप्स को लेकर दोनों देशों में प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। NVIDIA के CEO Jensen Huang भी इस दौरे का हिस्सा हैं। माना जा रहा है कि AI चिप्स और टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट पर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है।

6. ईरान युद्ध और तेल खरीद

अमेरिका का आरोप है कि चीन बड़े पैमाने पर ईरानी तेल खरीदकर तेहरान को आर्थिक मदद दे रहा है। वहीं चीन इसे अपनी ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा मामला बता रहा है। ट्रंप इस मुद्दे पर चीन पर दबाव बना सकते हैं।

7. ताइवान मुद्दा

ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। ट्रंप प्रशासन की ओर से ताइवान को 11 अरब डॉलर के हथियार पैकेज पर भी बातचीत होने की संभावना है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी समर्थन का विरोध करता है।

ट्रंप के साथ बड़े कारोबारी भी पहुंचे चीन

ट्रंप के साथ कई बड़े अमेरिकी कारोबारी भी चीन पहुंचे हैं। इनमें Elon Musk, Tim Cook, बोइंग CEO रॉबर्ट ऑर्टबर्ग और जेन्सेन हुआंग शामिल हैं। एलन मस्क ने X पर पोस्ट कर कहा कि एयर फोर्स वन में ट्रंप के साथ सिर्फ वह और जेन्सेन हुआंग मौजूद थे।

शी जिनपिंग देंगे भव्य स्टेट डिनर

चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ट्रंप के सम्मान में बीजिंग में भव्य स्टेट डिनर आयोजित करेंगे। चीन में ऐसे स्टेट डिनर को कूटनीतिक सम्मान का बड़ा संकेत माना जाता है। इसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल होंगे।

क्या खत्म होगी अमेरिका-चीन की दुश्मनी?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों में कुछ स्थिरता आ सकती है, लेकिन तकनीक, ताइवान, सैन्य शक्ति और AI को लेकर प्रतिस्पर्धा जारी रहेगी। फिर भी दोनों देश आर्थिक सहयोग और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।