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ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने का किया ऐलान, बोले- ईरान से समझौता अब खत्म

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के बाद ईरान के साथ युद्धविराम (सीजफायर) खत्म होने का ऐलान कर दिया। ट्रंप ने ईरान पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया। ताजा घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव और वैश्विक तेल बाजार पर असर बढ़ने की आशंका है।
 

Donald Trump Latest News: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब तेहरान के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है।

नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान ने समझौते की भावना का पालन नहीं किया। उनके अनुसार, जहाजों पर हुए हमले यह साबित करते हैं कि ईरान भरोसेमंद साझेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि अब ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत समय की बर्बादी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले के बाद बदला माहौल

अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी ढांचे, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइटों को निशाना बनाया गया।

अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जहाजों पर हुए हमलों का जवाब देने के लिए की गई।

तेल बाजार पर भी दिखा असर

तनाव बढ़ने के साथ ही वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी क्रूड ऑयल दोनों में लगभग छह प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता जारी रहती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

ईरान पर बढ़ा अमेरिकी दबाव

हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान को मिली तेल निर्यात संबंधी विशेष छूट (सैंक्शन वेवर) भी तत्काल प्रभाव से वापस ले ली। इससे ईरानी तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात पर फिर से सख्त प्रतिबंध लागू हो गए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से ईरान की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जांच एजेंसियों और अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों को उजागर किया है। इस घटनाक्रम के बाद समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक शिपिंग मार्गों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

आगे क्या?

ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका-ईरान संबंध एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गए हैं। युद्धविराम समाप्त होने की घोषणा और ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है या फिर कूटनीतिक प्रयासों से हालात को संभाला जा सकेगा।