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अमेरिका चुनाव में हार के बाद ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- देश इतिहास में पीछे चला गया- 3 ट्रिलियन डॉलर नुकसान का दावा

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट्स की जीत को देश के लिए बड़ा झटका बताया। ट्रंप ने शेयर बाजार में एक दिन में 3 ट्रिलियन डॉलर के नुकसान का दावा किया और अमेरिका की मजबूत वापसी का भरोसा जताया।

 

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगने और कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने चुनाव नतीजों को अमेरिका के लिए इतिहास में पीछे जाने वाला कदम बताया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणामों के बाद शेयर बाजार को एक ही दिन में 3 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। हालांकि, ट्रंप ने भरोसा जताया कि अमेरिका जल्द ही पहले से ज्यादा मजबूत होकर वापसी करेगा।

ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि पिछले चुनाव के नतीजों के साथ अमेरिका ने इतिहास में एक बड़ा कदम पीछे लिया है। उन्होंने अपने कार्यकाल में शेयर बाजार के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए लिखा कि बाजार, जो उनके नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा था, उसे एक दिन में 3 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा, "लेकिन चिंता न करें, हम पहले से कहीं ज्यादा बड़े और मजबूत होकर लौटेंगे।"

मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने दोनों सदनों में हासिल किया नियंत्रण

अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट, दोनों में नियंत्रण हासिल कर लिया। इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण खत्म हो गया। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में कई रैलियां की थीं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की थी कि वे चुनाव को ऐसे देखें, जैसे वह खुद मैदान में हों। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी, लेकिन नतीजे इसके उलट रहे।

ट्रंप बोले- मैं चुनाव में होता तो रिपब्लिकन पार्टी जीतती

चुनाव नतीजे सामने आने के बाद ट्रंप ने अपनी पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर वह खुद चुनाव में उम्मीदवार होते, तो रिपब्लिकन पार्टी बड़े अंतर से जीतती। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह बैलेट पर नहीं थे और अगर होते तो पार्टी भारी जीत दर्ज करती।

बाद में फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्हें रिपब्लिकन पार्टी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। उन्होंने अपनी चुनावी रैलियों में उमड़ी भीड़ का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि पार्टी को ज्यादा सीटें मिलेंगी।

कांग्रेस में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण से ट्रंप प्रशासन के सामने नई चुनौती

अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से ट्रंप प्रशासन के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स को प्रमुख संसदीय समितियों का नियंत्रण मिलेगा। इन समितियों के जरिए पार्टी प्रशासन के अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुला सकती है, दस्तावेज मांग सकती है और सरकारी नीतियों की जांच कर सकती है।

डेमोक्रेट्स की ओर से ईरान युद्ध, आव्रजन व्यवस्था, सरकारी खर्च और भ्रष्टाचार के आरोपों जैसे मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन से जवाब मांगे जाने की संभावना है।

वहीं, सीनेट पर नियंत्रण मिलने से राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे और उनके द्वारा नामित अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी देने की प्रक्रिया में भी डेमोक्रेट्स की भूमिका बढ़ जाएगी। सरकारी फंडिंग से जुड़े फैसलों पर भी उनका प्रभाव रहेगा।

हालांकि, कांग्रेस में डेमोक्रेट्स के बहुमत के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप की कार्यकारी शक्तियां बनी रहेंगी। वह कांग्रेस से पारित विधेयकों पर वीटो लगा सकते हैं। राष्ट्रपति के वीटो को रद्द करने के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।

इस तरह मिडटर्म चुनाव के नतीजे ट्रंप के लिए राजनीतिक रूप से बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। एक ओर डेमोक्रेट्स को कांग्रेस में नीतियों और प्रशासन की निगरानी के लिए ज्यादा ताकत मिली है, वहीं ट्रंप ने चुनावी झटके के बाद अमेरिका की मजबूत वापसी का भरोसा जताया है।