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ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिका में बगावत! भारत समेत 60 देशों पर लगाए शुल्क के खिलाफ 25 राज्यों ने ठोका मुकदमा

डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति के खिलाफ अमेरिका के 25 राज्यों ने अदालत का रुख किया है। भारत समेत 59 देशों पर लगाए गए सेक्शन 301 टैरिफ को अवैध बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई है। जानिए पूरा मामला और इसका वैश्विक व्यापार पर असर।

 

Donald Trump Tariff News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति अब कानूनी विवादों में घिर गई है। भारत सहित 59 देशों पर लगाए गए नए आयात शुल्क (टैरिफ) के खिलाफ अमेरिका के 25 राज्यों ने अदालत में संयुक्त याचिका दायर की है। राज्यों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने Section 301 का इस्तेमाल कर उन टैरिफ को दोबारा लागू करने की कोशिश की है, जिन्हें पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट अवैध ठहरा चुका है।

क्या है पूरा मामला?

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में Section 301 of the Trade Act, 1974 के तहत भारत समेत 59 देशों और यूरोपीय संघ के कुछ उत्पादों पर 10% से 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया। प्रशासन का दावा है कि संबंधित देश जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों के आयात को रोकने में पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं, इसलिए यह कार्रवाई की गई।

25 राज्यों ने कोर्ट में क्या कहा?

डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले 25 राज्यों ने अमेरिकी Court of International Trade में दायर याचिका में कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने Section 301 का दायरा जरूरत से ज्यादा बढ़ा दिया है। राज्यों का आरोप है कि यह कदम पहले निरस्त किए गए व्यापक टैरिफ को नए कानूनी आधार पर फिर से लागू करने का प्रयास है। याचिका में इन टैरिफ को अवैध घोषित करने और इन्हें तत्काल रोकने की मांग की गई है।

भारत भी प्रभावित देशों की सूची में

नई टैरिफ व्यवस्था में भारत भी प्रभावित देशों में शामिल है। हालांकि इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने भारत को अपेक्षाकृत कम टैरिफ श्रेणी में रखा था, लेकिन मौजूदा कानूनी विवाद का असर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं पर भी पड़ सकता है।

ट्रंप प्रशासन का क्या है पक्ष?

व्हाइट हाउस का कहना है कि Section 301 के तहत उठाया गया यह कदम पूरी तरह कानूनी है और इसका उद्देश्य अमेरिकी व्यापार हितों की रक्षा करना है। प्रशासन का दावा है कि जिन देशों ने जबरन श्रम से जुड़े आयात पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ यह टैरिफ उचित और वैध है।

पहले भी अदालत में झटका खा चुकी है टैरिफ नीति

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप की टैरिफ नीति अदालत में चुनौती का सामना कर रही है। इससे पहले भी उनकी व्यापक आयात शुल्क नीति को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कानूनी झटका मिला था। अब नए Section 301 टैरिफ पर दायर इस मुकदमे को ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति के लिए एक बड़ी कानूनी परीक्षा माना जा रहा है।

वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत इन टैरिफ पर रोक लगाती है तो अमेरिका की व्यापार नीति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं यदि प्रशासन को राहत मिलती है, तो भारत समेत कई देशों के साथ व्यापारिक संबंधों और आयात-निर्यात लागत पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।