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ट्रंप की ईरान को धमकी, परमाणु डील करो, वरना अगला हमला....

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान को अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर तुरंत बातचीत की मेज पर आना होगा, वरना अमेरिका का अगला सैन्य हमला पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और विनाशकारी होगा। ट्रंप ने यह बयान बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दिया।

ट्रंप ने लिखा कि ईरान को ऐसा स्पष्ट समझौता करना चाहिए, जिसमें परमाणु हथियार न बनाने की शर्त हो। उन्होंने कहा कि हालात बेहद गंभीर हैं और अब ज्यादा समय नहीं बचा है। राष्ट्रपति ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले जब उन्होंने ईरान को चेतावनी दी थी, तो जून में उस पर बड़ा सैन्य हमला हुआ था।

ईरान की ओर बढ़ रहा अमेरिकी नौसेना का विशाल बेड़ा

ट्रंप ने अपने पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका का एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने लिखा कि यह “आर्माडा” पूरी ताकत, दृढ़ संकल्प और तेज़ी के साथ आगे बढ़ रहा है। ट्रंप के मुताबिक यह बेड़ा वेनेजुएला की ओर भेजे गए अमेरिकी बेड़े से भी बड़ा है और इसका नेतृत्व विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन कर रहा है।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह बेड़ा किसी भी स्थिति में तेजी और ताकत के साथ कार्रवाई करने में सक्षम है। ट्रंप ने जून 2025 में हुए ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का जिक्र करते हुए कहा कि उस हमले ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया था और अगर अब भी समझौता नहीं हुआ, तो अगला हमला उससे कहीं ज्यादा भयानक होगा।

पहले भी दे चुके हैं दखल की चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि अगर ईरानी सरकार अपने देश में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करती है, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। हालांकि फिलहाल ईरान में विरोध प्रदर्शन कम हुए हैं, लेकिन ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने दोबारा परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। जून में अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान की अहम परमाणु सुविधाओं पर हमले किए थे।

बातचीत से ईरान का इनकार

वहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि हाल के दिनों में उनकी अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ने किसी तरह की बातचीत की मांग नहीं की है।

इन बयानों से साफ है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बरकरार है और पश्चिम एशिया में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।