अमेरिकी टेक कंपनियों पर टैक्स लगाने वाले इन देशों को ट्रंप ने दी 100% टैरिफ लगाने की धमकी, बोले- सारी डील हो जाएगी कैंसिल...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डिजिटल सर्विस टैक्स (DST) को लेकर दुनिया के कई देशों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी देश अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स लगाएगा, उसे अमेरिका को होने वाले निर्यात (एक्सपोर्ट) पर 100 फीसदी टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी देश ने अमेरिकी डिजिटल कंपनियों पर टैक्स लगाया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और जरूरत पड़ने पर मौजूदा व्यापार समझौतों (ट्रेड एग्रीमेंट) को भी समाप्त किया जा सकता है।
क्या है डिजिटल सर्विस टैक्स?
डिजिटल सर्विस टैक्स (DST) ऐसा कर है, जो बड़ी डिजिटल कंपनियों की उस कमाई पर लगाया जाता है जो वे ऑनलाइन विज्ञापन, डिजिटल मार्केटप्लेस और यूजर डेटा जैसी सेवाओं से अर्जित करती हैं। कई देशों का मानना है कि वैश्विक टेक कंपनियों को उन देशों में भी कर देना चाहिए, जहां वे कारोबार करके मुनाफा कमाती हैं।
यूरोपीय देशों का अलग तर्क
फ्रांस, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों ने डिजिटल सर्विस टैक्स लागू किया है या इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इन देशों का कहना है कि बहुराष्ट्रीय टेक कंपनियों को उसी देश में उचित कर देना चाहिए, जहां से उनकी आय होती है।
वहीं अमेरिका लगातार इस नीति का विरोध करता रहा है। अमेरिका का आरोप है कि डिजिटल सर्विस टैक्स के जरिए गूगल, एप्पल, मेटा, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी कंपनियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
व्यापार समझौतों पर भी पड़ सकता है असर
ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि डिजिटल सर्विस टैक्स का मुद्दा अब भी दोनों पक्षों के बीच प्रमुख विवादों में शामिल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि कोई देश डिजिटल टैक्स लागू करता है, तो उस देश से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला मौजूदा या भविष्य के किसी भी व्यापार समझौते से प्रभावित नहीं होगा।
पहले भी दे चुके हैं चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी डिजिटल सर्विस टैक्स लागू करने वाले देशों को चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने ब्रिटेन को आगाह किया था कि यदि वहां अमेरिकी टेक कंपनियों पर 2 प्रतिशत डिजिटल टैक्स लगाया गया तो अमेरिका जवाबी टैरिफ लगाएगा।
इसी तरह फ्रांस को भी उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि उसने अपना डिजिटल टैक्स वापस नहीं लिया तो फ्रांस से आयात होने वाली वाइन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है।
ट्रंप के इस ताजा बयान से एक बार फिर वैश्विक व्यापार और डिजिटल टैक्स को लेकर अमेरिका तथा यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।