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ट्रंप का ऐलान... फिर मिसाइलों की बारिश! क्या ईरान-अमेरिका युद्ध अब और खतरनाक मोड़ पर?

अमेरिका ने डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम समाप्त घोषित करने के कुछ घंटों बाद ईरान पर ताजा एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेना ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ईरान के कई शहरों में विस्फोटों की खबरों के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ गया।

 

 

US Iran War: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौते को समाप्त घोषित करने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ईरान पर ताजा सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों का उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को खतरे से बचाना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना बताया गया है।

CENTCOM ने हमलों की पुष्टि की

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य अभियान शुरू किया है। सेना का कहना है कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल पर हुए हमलों के लिए ईरान जिम्मेदार है और उसी के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है।

ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबर

हमलों के दौरान ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास, चाबहार, कोनारक और सीरिक समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों की सूचना दी। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए, जबकि चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।

ट्रंप ने पहले ही दी थी कड़ी चेतावनी

तुर्की में आयोजित नाटो सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका जल्द ही ईरान के खिलाफ कड़ा सैन्य कदम उठाएगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि यदि ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता तो अमेरिका उसे "जोरदार जवाब" देगा। इसके बाद उन्होंने अंतरिम शांति समझौते को भी समाप्त घोषित कर दिया था।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव की सबसे बड़ी वजह

अमेरिका का कहना है कि हाल में हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कई व्यापारिक जहाजों पर हमले हुए, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया। इसी रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर अमेरिका ने ईरान पर नए हमले किए हैं। हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है और यहां किसी भी सैन्य तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

बढ़ी वैश्विक चिंता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ते सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दिखाई दिया। हमलों की खबर सामने आते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वित्तीय बाजारों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

क्या आगे बढ़ सकता है संघर्ष?

अमेरिका ने फिलहाल साफ किया है कि उसका उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करना है। हालांकि दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने यह आशंका बढ़ा दी है कि यदि तनाव नहीं थमा तो पूरा पश्चिम एशिया एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की चपेट में आ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।