सावधान! खड़े होकर पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानें इसके नुकसान?
May 11, 2026, 20:57 IST
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत से जुड़ी कई छोटी लेकिन जरूरी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्हीं में से एक है खड़े होकर पानी पीना। ऑफिस, यात्रा या जल्दबाजी के दौरान ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे खड़े होकर पानी पी लेते हैं।
हालांकि आयुर्वेद और हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पानी पीने का तरीका भी हमारी सेहत पर गहरा असर डालता है। अगर लंबे समय तक गलत तरीके से पानी पिया जाए, तो इसका असर शरीर के कई हिस्सों पर पड़ सकता है।
डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई व्यक्ति खड़े होकर पानी पीता है, तो पानी तेजी से सीधे पेट तक पहुंच जाता है। इससे पाचन तंत्र को पानी को सही तरीके से प्रोसेस करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
ऐसी आदत धीरे-धीरे पाचन से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती है। कई लोगों को गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी और अपच जैसी परेशानियां होने लगती हैं।
वहीं अगर आराम से बैठकर धीरे-धीरे पानी पिया जाए, तो शरीर उसे बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है और पाचन क्रिया भी सही बनी रहती है।
शरीर को नहीं मिल पाता पूरा फायदा
खड़े होकर पानी पीने पर शरीर के अंदर तरल पदार्थ तेजी से बहते हैं, जिससे पोषक तत्वों का संतुलन प्रभावित हो सकता है। आयुर्वेद में माना गया है कि बैठकर पानी पीने से शरीर को पानी का पूरा लाभ मिलता है और शरीर का संतुलन बेहतर बना रहता है।
जोड़ों और किडनी पर भी पड़ सकता है प्रभाव
कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय तक खड़े होकर पानी पीने की आदत जोड़ों पर भी असर डाल सकती है। इसके अलावा पानी सही तरीके से फिल्टर न होने के कारण किडनी की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है।
हालांकि इस पर वैज्ञानिक शोध सीमित हैं, लेकिन आयुर्वेद में बैठकर पानी पीने की सलाह दी जाती है।
पानी पीने का सही तरीका क्या है?
विशेषज्ञों के मुताबिक हमेशा आराम से बैठकर छोटे-छोटे घूंट में पानी पीना चाहिए। बहुत तेजी से या एक बार में ज्यादा पानी पीने से भी बचना चाहिए।
अगर आप अपनी सेहत और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखना चाहते हैं, तो पानी पीने की इस छोटी-सी आदत को बदलना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
हालांकि आयुर्वेद और हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पानी पीने का तरीका भी हमारी सेहत पर गहरा असर डालता है। अगर लंबे समय तक गलत तरीके से पानी पिया जाए, तो इसका असर शरीर के कई हिस्सों पर पड़ सकता है।
डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई व्यक्ति खड़े होकर पानी पीता है, तो पानी तेजी से सीधे पेट तक पहुंच जाता है। इससे पाचन तंत्र को पानी को सही तरीके से प्रोसेस करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
ऐसी आदत धीरे-धीरे पाचन से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती है। कई लोगों को गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी और अपच जैसी परेशानियां होने लगती हैं।
वहीं अगर आराम से बैठकर धीरे-धीरे पानी पिया जाए, तो शरीर उसे बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है और पाचन क्रिया भी सही बनी रहती है।
शरीर को नहीं मिल पाता पूरा फायदा
खड़े होकर पानी पीने पर शरीर के अंदर तरल पदार्थ तेजी से बहते हैं, जिससे पोषक तत्वों का संतुलन प्रभावित हो सकता है। आयुर्वेद में माना गया है कि बैठकर पानी पीने से शरीर को पानी का पूरा लाभ मिलता है और शरीर का संतुलन बेहतर बना रहता है।
जोड़ों और किडनी पर भी पड़ सकता है प्रभाव
कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय तक खड़े होकर पानी पीने की आदत जोड़ों पर भी असर डाल सकती है। इसके अलावा पानी सही तरीके से फिल्टर न होने के कारण किडनी की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है।
हालांकि इस पर वैज्ञानिक शोध सीमित हैं, लेकिन आयुर्वेद में बैठकर पानी पीने की सलाह दी जाती है।
पानी पीने का सही तरीका क्या है?
विशेषज्ञों के मुताबिक हमेशा आराम से बैठकर छोटे-छोटे घूंट में पानी पीना चाहिए। बहुत तेजी से या एक बार में ज्यादा पानी पीने से भी बचना चाहिए।
अगर आप अपनी सेहत और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखना चाहते हैं, तो पानी पीने की इस छोटी-सी आदत को बदलना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।