डायबिटीज मरीजों के लिए कितनी देर की वॉक फायदेमंद? जानें खाने के बाद कब चलें
ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में नियमित वॉकिंग मददगार हो सकती है। डॉक्टर के मुताबिक, स्वस्थ वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर की एक्सरसाइज करनी चाहिए। डायबिटीज मरीज खाने के बाद 10 से 15 मिनट की वॉक भी कर सकते हैं। जानिए सही वॉकिंग रूटीन।
Blood Sugar Control: ब्लड शुगर बढ़ना आजकल एक आम स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। शरीर में इंसुलिन की कमी या इंसुलिन के सही तरीके से काम न करने की स्थिति में ग्लूकोज खून में जमा होने लगता है और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इसे कंट्रोल करने के लिए खान-पान के साथ नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी मानी जाती है। ऐसे में वॉकिंग एक आसान और प्रभावी विकल्प है, जिसे रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
लेकिन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए रोज कितनी देर चलना चाहिए? क्या 30 मिनट की वॉक पर्याप्त है और क्या डायबिटीज के मरीजों को खाना खाने के बाद भी टहलना चाहिए? इन सवालों पर डॉ. दिनेश कुमार, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, फोर्टिस, ग्रेटर नोएडा ने जरूरी जानकारी दी है।
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कैसे मदद करती है वॉकिंग?
नियमित शारीरिक गतिविधि ब्लड शुगर को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाती है। वॉकिंग के दौरान शरीर की मांसपेशियां ग्लूकोज का इस्तेमाल ऊर्जा के लिए करती हैं। इससे ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि करने की कोशिश करनी चाहिए। इसे रोजाना करीब 30 मिनट तेज चाल से चलने के तौर पर किया जा सकता है।
अगर किसी व्यक्ति के लिए लगातार 30 मिनट चलना मुश्किल है, तो वह अपनी वॉक को छोटे हिस्सों में बांट सकता है। उदाहरण के लिए दिन में तीन बार 10-10 मिनट चलना भी एक विकल्प हो सकता है।
डायबिटीज मरीज खाने के बाद जरूर करें वॉक
जिन लोगों को डायबिटीज है या ब्लड शुगर बढ़ा हुआ रहता है, उनके लिए भोजन के बाद थोड़ी देर टहलना भी फायदेमंद हो सकता है। खाने के बाद 10 से 15 मिनट हल्की से मध्यम गति से चलने से शरीर को ग्लूकोज का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।
खासकर लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय भोजन के बाद थोड़ी देर चलने की आदत शारीरिक गतिविधि को रोज की दिनचर्या का हिस्सा बनाने में मदद कर सकती है।
हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं है वॉकिंग रूटीन
हालांकि, वॉक की अवधि और उसकी गति हर व्यक्ति के लिए समान नहीं हो सकती। उम्र, वजन, फिटनेस, स्वास्थ्य की स्थिति और ब्लड शुगर लेवल के आधार पर एक्सरसाइज की जरूरत अलग हो सकती है।
वॉक करते समय अगर ज्यादा थकान, चक्कर, कमजोरी या किसी तरह की असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाना चाहिए।
खास तौर पर डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेने वाले लोगों को एक्सरसाइज के दौरान ब्लड शुगर बहुत कम होने यानी हाइपोग्लाइसीमिया के जोखिम का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे लोगों को अपनी एक्सरसाइज की अवधि और तीव्रता डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए।
सिर्फ वॉकिंग से कंट्रोल नहीं होगा ब्लड शुगर
ब्लड शुगर को मैनेज करने के लिए सिर्फ रोजाना टहलना ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ संतुलित खान-पान, पर्याप्त नींद, वजन को नियंत्रित रखना, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का इस्तेमाल और नियमित ब्लड शुगर की जांच भी जरूरी है।
इसलिए अगर किसी व्यक्ति को लगातार ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या है, तो अपनी स्वास्थ्य स्थिति के मुताबिक वॉकिंग और दूसरी एक्सरसाइज का रूटीन तय करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्या वाले लोग अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेकर ही एक्सरसाइज रूटीन तय करें।