Breast Cancer Awareness Month: हर मिनट 4 महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर, इन 4 लक्षणों को न करें नजरअंदाज
दुनियाभर में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं की सेहत के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। हर साल लाखों महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आती हैं और बड़ी संख्या में मरीजों की जान चली जाती है। चिंता की बात यह है कि शुरुआती दौर में इसके लक्षणों को कई बार महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। जागरूकता की कमी और समय पर जांच न होना भी बीमारी की पहचान में देरी की वजह बन सकता है।
महिलाओं को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल अक्टूबर में ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को बीमारी के लक्षणों, जोखिम कारकों और समय पर जांच के महत्व के बारे में जानकारी देना है।
क्या है ब्रेस्ट कैंसर और कैसे होता है?
ब्रेस्ट कैंसर यानी स्तन कैंसर तब होता है, जब स्तन की कुछ कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और उन पर शरीर का सामान्य नियंत्रण नहीं रह जाता। धीरे-धीरे ये कोशिकाएं ट्यूमर का रूप ले सकती हैं। ज्यादातर मामलों में कैंसर की शुरुआत दूध बनाने वाली ग्रंथियों या दूध ले जाने वाली नलिकाओं में होती है।
अगर समय रहते बीमारी की पहचान और इलाज न हो, तो कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों तक भी फैल सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि शुरुआती चरण में इसकी पहचान होने पर इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है और मरीज के ठीक होने की संभावना बेहतर रहती है।
WHO के आंकड़े क्यों बढ़ाते हैं चिंता?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2022 में दुनियाभर में लगभग 23 लाख महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला था, जबकि करीब 6 लाख 70 हजार महिलाओं की इस बीमारी से मौत हुई थी।
ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उम्र बढ़ने के साथ बढ़ सकता है, लेकिन यह बीमारी कम उम्र की महिलाओं में भी हो सकती है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि केवल अधिक उम्र की महिलाओं को ही इससे सावधान रहने की जरूरत है।
परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास, कुछ आनुवंशिक बदलाव, बढ़ती उम्र और जीवनशैली से जुड़े कुछ कारक जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, कई महिलाओं में किसी स्पष्ट जोखिम कारक के बिना भी यह बीमारी सामने आती है।
रोजमर्रा की इन 4 आदतों पर दें ध्यान
ब्रेस्ट कैंसर के हर मामले को रोका नहीं जा सकता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से कुछ जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
1. तंबाकू से बनाएं दूरी: धूम्रपान और तंबाकू का सेवन कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ाता है। इसलिए इनसे दूरी बनाना सेहत के लिए जरूरी है।
2. शराब से बचें: शराब का सेवन ब्रेस्ट कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा है। इसका सेवन न करना जोखिम कम करने का एक बेहतर विकल्प है।
3. वजन नियंत्रित रखें और सक्रिय रहें: नियमित रूप से पैदल चलना, योग करना, साइकिल चलाना या दूसरी शारीरिक गतिविधियों में शामिल होना फायदेमंद है। संतुलित खानपान और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी जरूरी है।
4. शरीर में होने वाले बदलावों को पहचानें: अपने स्तनों के सामान्य आकार और बनावट को समझें। किसी नए बदलाव, गांठ या असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। केवल खुद जांच करने पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
ब्रेस्ट कैंसर के इन शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्तन में होने वाला हर बदलाव कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन कुछ लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
- स्तन या बगल में नई गांठ या सूजन महसूस होना।
- स्तन के आकार या बनावट में अचानक बदलाव आना।
- स्तन की त्वचा में गड्ढे पड़ना, सिकुड़न या संतरे के छिलके जैसी बनावट दिखना।
- निप्पल का अचानक अंदर की ओर मुड़ना।
- निप्पल से बिना दबाव के असामान्य तरल या खून निकलना।
- स्तन की त्वचा पर लगातार लालिमा या किसी हिस्से में असामान्य बदलाव दिखाई देना।
इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जल्द संपर्क करें। दर्द न होने का मतलब यह नहीं है कि गांठ या बदलाव को नजरअंदाज किया जा सकता है।
कब करानी चाहिए ब्रेस्ट कैंसर की जांच?
ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए मैमोग्राफी एक महत्वपूर्ण जांच है। किस उम्र में और कितने अंतराल पर यह जांच करानी चाहिए, यह महिला की उम्र, पारिवारिक इतिहास और अन्य जोखिम कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए डॉक्टर से अपनी स्थिति के अनुसार सलाह लेना उचित है।
यदि स्तन में नई गांठ या कोई असामान्य बदलाव महसूस हो, तो नियमित स्क्रीनिंग की अगली तारीख का इंतजार न करें। ऐसे लक्षणों की जल्द जांच कराना जरूरी है।
याद रखें: ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ जागरूकता, समय पर जांच और सही इलाज बेहद महत्वपूर्ण हैं। अपने शरीर में होने वाले बदलावों को पहचानें, झिझक छोड़ें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें। समय पर उठाया गया कदम इलाज को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी असामान्य लक्षण या जांच से संबंधित निर्णय के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।