सावधान! जेब में रखा मोबाइल बन सकता है पिता बनने में रुकावट? रिसर्च में स्पर्म काउंट घटने का दावा
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन हाल ही में प्रकाशित एक शोध ने पुरुषों की प्रजनन क्षमता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रतिष्ठित जर्नल Fertility and Sterility में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल फोन का अधिक उपयोग पुरुषों के स्पर्म काउंट पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
2,886 युवाओं पर लंबा अध्ययन
शोधकर्ताओं ने वर्ष 2005 से 2018 के बीच 18 से 22 वर्ष की आयु के 2,886 पुरुषों पर विस्तृत अध्ययन किया। इस दौरान उनके वीर्य (स्पर्म) के नमूनों की जांच कर शुक्राणुओं की संख्या, उनकी सक्रियता और तैरने की क्षमता का विश्लेषण किया गया। साथ ही प्रतिभागियों से उनकी मोबाइल इस्तेमाल करने की आदतों के बारे में भी जानकारी ली गई।
ज्यादा फोन इस्तेमाल, कम स्पर्म काउंट
अध्ययन में सामने आया कि जो पुरुष दिनभर में 20 से अधिक बार मोबाइल फोन चेक करते थे या लंबे समय तक उसका उपयोग करते थे, उनमें कुल स्पर्म काउंट में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। इसके विपरीत, कम फोन उपयोग करने वाले पुरुषों के शुक्राणु अधिक स्वस्थ और सक्रिय पाए गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें और उससे उत्पन्न गर्मी शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या को प्रभावित कर सकती हैं।
जेब में फोन रखना कितना सुरक्षित?
हालांकि शोध में यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो पाया कि पैंट की जेब में फोन रखने से ही नुकसान होता है, फिर भी विशेषज्ञ एहतियात बरतने की सलाह देते हैं। पुरुष अक्सर मोबाइल को पैंट की जेब में रखते हैं, जो अंडकोष के काफी करीब होता है। इससे तापमान बढ़ सकता है और शुक्राणुओं के निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
आसान भाषा में समझें स्पर्म काउंट
स्पर्म काउंट का अर्थ है वीर्य में मौजूद शुक्राणुओं की संख्या। गर्भधारण के लिए पर्याप्त और स्वस्थ शुक्राणुओं का होना जरूरी है। यदि इनकी संख्या कम हो जाए या उनकी गति धीमी हो जाए, तो संतान प्राप्ति में कठिनाई आ सकती है।
कैसे करें बचाव?
* मोबाइल फोन को पैंट की जेब में रखने से बचें।
* फोन को बैग या मेज पर रखें।
* सोते समय फोन को सिरहाने न रखें।
* कॉल के दौरान इयरफोन या स्पीकर का उपयोग करें।
* फोन का उपयोग जरूरत के अनुसार सीमित रखें।
* नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर पुरुष अपनी प्रजनन सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।