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खुद से Painkiller-Antibiotic लेना पड़ सकता है भारी, CDSCO ने दी चेतावनी, 220 दवाएं जांच में फेल

CDSCO ने Painkiller और Antibiotic दवाओं के मनमाने इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है। बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेने से किडनी समेत स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। अगस्त में दवाओं की जांच के दौरान 220 नमूने खराब गुणवत्ता के मिले, जबकि दिल्ली से एक नकली दवा का नमूना भी सामने आया।
 

नई दिल्ली: दर्द, बुखार या संक्रमण होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से Painkiller और Antibiotic लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने लोगों को इन दवाओं के मनमाने इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर दर्द निवारक दवाओं के गलत इस्तेमाल से किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। CDSCO ने डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, दवा विक्रेताओं और अस्पतालों को भी दवाओं के सही और तर्कसंगत इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Antibiotic को लेकर CDSCO ने जारी किया सर्कुलर

CDSCO की ओर से 21 सितंबर को जारी सर्कुलर में औषधि नियंत्रक जनरल डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने Painkiller और Antibiotic दवाओं के समझदारी से इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही होना चाहिए।

सर्कुलर में दवा दुकानदारों को यह भी निर्देश दिया गया है कि डॉक्टर की पर्ची वाली दवाएं बिना प्रिस्क्रिप्शन के न बेची जाएं। इसका मकसद दवाओं के अनावश्यक और गलत इस्तेमाल को रोकना है।

सामान्य वायरल संक्रमण में Antibiotic की जरूरत नहीं

CDSCO ने लोगों को खास तौर पर Antibiotic दवाएं खुद से नहीं लेने की सलाह दी है। संगठन के मुताबिक, ज्यादातर सामान्य वायरल संक्रमण में Antibiotic की जरूरत नहीं होती। ऐसे में बिना चिकित्सकीय सलाह के इन दवाओं का सेवन करना उचित नहीं है।

अगर डॉक्टर Antibiotic लिखते हैं तो मरीज को डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक और अवधि का पूरा पालन करना चाहिए। बीच में दवा छोड़ना या अपनी मर्जी से खुराक बदलना भी उचित नहीं है।

बची हुई Antibiotic दोबारा न लें

CDSCO ने लोगों को घर में बची हुई Antibiotic दवाओं को दोबारा इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। किसी दूसरे व्यक्ति को भी अपनी बची हुई दवा नहीं देनी चाहिए।

अगर दर्द, बुखार या कोई दूसरा लक्षण लगातार बना रहता है तो बार-बार खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासकर दर्द निवारक दवाओं के लंबे समय तक या गलत तरीके से इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।

अगस्त में 220 दवा सैंपल खराब गुणवत्ता के मिले

इसी बीच देश में हर महीने होने वाली दवाओं की गुणवत्ता जांच में अगस्त में 220 नमूने खराब गुणवत्ता के पाए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं में जांच किए गए नमूनों में से 29 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।

वहीं, राज्य स्तर की प्रयोगशालाओं में जांच किए गए 191 नमूने भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।

दवाओं की जांच कई अलग-अलग मानकों पर की जाती है। इनमें से किसी एक मानक पर भी दवा के विफल होने पर उसे निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं माना जाता।

दिल्ली में एक दवा नकली भी मिली

अगस्त की जांच में दिल्ली से एक दवा का नमूना नकली भी पाया गया। जांच के मुताबिक यह दवा किसी दूसरे ब्रांड के नाम का इस्तेमाल करके कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से बनाई गई थी।

मामले में कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, जिन दवाओं के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, उनके निर्माताओं को संबंधित बैच को तत्काल बाजार से वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं।

दवा दुकानदारों और अस्पतालों को भी निर्देश

CDSCO ने दवा विक्रेताओं से कहा है कि डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं की बिक्री नियमों के अनुसार ही की जाए। बिना प्रिस्क्रिप्शन ऐसी दवाएं बेचने से बचना होगा।

अस्पतालों को भी दवाओं के सही इस्तेमाल की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और मरीजों को उचित सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य दवाओं के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

दवा लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • बिना डॉक्टर की सलाह के Antibiotic न लें।
  • Painkiller का बार-बार या लंबे समय तक खुद से इस्तेमाल न करें।
  • डॉक्टर ने जितनी खुराक और जितने दिन दवा लेने को कहा है, उसका पालन करें।
  • बची हुई Antibiotic दोबारा इस्तेमाल न करें।
  • अपनी दवा किसी दूसरे व्यक्ति को न दें।
  • दर्द, बुखार या अन्य लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लें।
  • डॉक्टर की पर्ची वाली दवाएं बिना प्रिस्क्रिप्शन के खरीदने से बचें।