रात में सोते समय बार-बार सुन्न हो जाते हैं हाथ? इन 5 वजहों को न करें नजरअंदाज
रात में सोते समय हाथों का सुन्न पड़ना, झनझनाहट होना या सुई चुभने जैसा महसूस होना कई लोगों के साथ होता है। अक्सर लोग इसे गलत पोजीशन में सोने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार हाथ की स्थिति बदलने से यह परेशानी ठीक भी हो जाती है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार होने लगे, तो इसके पीछे नसों पर दबाव, गर्दन की समस्या या डायबिटीज जैसी वजहें भी हो सकती हैं।
फोर्टिस, ग्रेटर नोएडा के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी डॉ. सुनील अग्रवाल के अनुसार, हाथों में सुन्नपन के कारणों को समझना और जरूरत पड़ने पर समय रहते जांच कराना जरूरी है।
1. सोते समय हाथ सुन्न होने की क्या है वजह?
सोते समय एक ही करवट में लंबे समय तक रहने या हाथ को सिर अथवा शरीर के नीचे दबाकर सोने से नसों पर दबाव पड़ सकता है। इससे हाथों में कुछ समय के लिए सुन्नपन या झनझनाहट महसूस हो सकती है।
आमतौर पर हाथ की पोजीशन बदलने और उसे धीरे-धीरे हिलाने से राहत मिल जाती है। हालांकि, अगर यह समस्या लगातार बनी रहे या बार-बार होने लगे, तो इसके दूसरे कारणों की जांच कराना जरूरी है।
2. क्या गर्दन की समस्या से भी सुन्न होते हैं हाथ?
हां, गर्दन की हड्डियों और उनके बीच मौजूद डिस्क में बदलाव के कारण नसों पर दबाव पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में गर्दन से कंधे और हाथ तक दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
अगर हाथ सुन्न होने के साथ गर्दन में दर्द, कंधे में खिंचाव या उंगलियों में कमजोरी भी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
3. डायबिटीज और कार्पल टनल सिंड्रोम भी हो सकते हैं कारण
डायबिटीज के कारण शरीर की नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। हालांकि, इसमें आमतौर पर पैरों में लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं, लेकिन हाथ भी प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं, कार्पल टनल सिंड्रोम में कलाई के पास एक प्रमुख नस पर दबाव पड़ता है। इसके कारण खासकर रात में हाथों और उंगलियों में सुन्नपन, दर्द या झनझनाहट हो सकती है। यह परेशानी अक्सर अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा उंगली में अधिक महसूस होती है।
4. हाथ सुन्न होने की समस्या से बचने के लिए क्या करें?
अगर सोते समय हाथ सुन्न पड़ते हैं, तो कुछ सावधानियां राहत देने में मदद कर सकती हैं।
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सोते समय हाथ को सिर या शरीर के नीचे दबाकर न रखें।
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गर्दन और हाथों को आरामदायक स्थिति में रखें।
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लंबे समय तक कोहनी को बहुत ज्यादा मोड़कर सोने से बचें।
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हाथ सुन्न होने पर उसकी स्थिति बदलें और धीरे-धीरे हिलाएं।
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समस्या बार-बार होने पर न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें।
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डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं या विटामिन सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।
5. हाथ सुन्न होने पर कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
अगर अचानक एक हाथ सुन्न हो जाए और इसके साथ चेहरे का एक हिस्सा लटकने लगे, बोलने में परेशानी हो, शरीर के एक तरफ कमजोरी आए या संतुलन बिगड़ जाए, तो यह स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी चिकित्सा सहायता लें।
इसके अलावा, हाथों का सुन्नपन लंबे समय तक बना रहे, बार-बार नींद से जगाए या इसके साथ दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी हो, तो भी डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
निष्कर्ष: सोते समय हाथ सुन्न होना कई बार सोने की गलत पोजीशन के कारण होता है, लेकिन बार-बार होने वाली झनझनाहट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे नसों पर दबाव, कार्पल टनल सिंड्रोम, गर्दन की समस्या या डायबिटीज जैसे कारण हो सकते हैं। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना ही बेहतर है।
रात में सोते समय हाथों का सुन्न पड़ना, झनझनाहट होना या सुई चुभने जैसा महसूस होना कई लोगों के साथ होता है। अक्सर लोग इसे गलत पोजीशन में सोने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार हाथ की स्थिति बदलने से यह परेशानी ठीक भी हो जाती है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार होने लगे, तो इसके पीछे नसों पर दबाव, गर्दन की समस्या या डायबिटीज जैसी वजहें भी हो सकती हैं।
फोर्टिस, ग्रेटर नोएडा के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी डॉ. सुनील अग्रवाल के अनुसार, हाथों में सुन्नपन के कारणों को समझना और जरूरत पड़ने पर समय रहते जांच कराना जरूरी है।
1. सोते समय हाथ सुन्न होने की क्या है वजह?
सोते समय एक ही करवट में लंबे समय तक रहने या हाथ को सिर अथवा शरीर के नीचे दबाकर सोने से नसों पर दबाव पड़ सकता है। इससे हाथों में कुछ समय के लिए सुन्नपन या झनझनाहट महसूस हो सकती है।
आमतौर पर हाथ की पोजीशन बदलने और उसे धीरे-धीरे हिलाने से राहत मिल जाती है। हालांकि, अगर यह समस्या लगातार बनी रहे या बार-बार होने लगे, तो इसके दूसरे कारणों की जांच कराना जरूरी है।
2. क्या गर्दन की समस्या से भी सुन्न होते हैं हाथ?
हां, गर्दन की हड्डियों और उनके बीच मौजूद डिस्क में बदलाव के कारण नसों पर दबाव पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में गर्दन से कंधे और हाथ तक दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
अगर हाथ सुन्न होने के साथ गर्दन में दर्द, कंधे में खिंचाव या उंगलियों में कमजोरी भी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
3. डायबिटीज और कार्पल टनल सिंड्रोम भी हो सकते हैं कारण
डायबिटीज के कारण शरीर की नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। हालांकि, इसमें आमतौर पर पैरों में लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं, लेकिन हाथ भी प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं, कार्पल टनल सिंड्रोम में कलाई के पास एक प्रमुख नस पर दबाव पड़ता है। इसके कारण खासकर रात में हाथों और उंगलियों में सुन्नपन, दर्द या झनझनाहट हो सकती है। यह परेशानी अक्सर अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा उंगली में अधिक महसूस होती है।
4. हाथ सुन्न होने की समस्या से बचने के लिए क्या करें?
अगर सोते समय हाथ सुन्न पड़ते हैं, तो कुछ सावधानियां राहत देने में मदद कर सकती हैं।
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सोते समय हाथ को सिर या शरीर के नीचे दबाकर न रखें।
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गर्दन और हाथों को आरामदायक स्थिति में रखें।
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लंबे समय तक कोहनी को बहुत ज्यादा मोड़कर सोने से बचें।
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हाथ सुन्न होने पर उसकी स्थिति बदलें और धीरे-धीरे हिलाएं।
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समस्या बार-बार होने पर न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें।
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डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं या विटामिन सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।
5. हाथ सुन्न होने पर कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
अगर अचानक एक हाथ सुन्न हो जाए और इसके साथ चेहरे का एक हिस्सा लटकने लगे, बोलने में परेशानी हो, शरीर के एक तरफ कमजोरी आए या संतुलन बिगड़ जाए, तो यह स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी चिकित्सा सहायता लें।
इसके अलावा, हाथों का सुन्नपन लंबे समय तक बना रहे, बार-बार नींद से जगाए या इसके साथ दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी हो, तो भी डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
निष्कर्ष: सोते समय हाथ सुन्न होना कई बार सोने की गलत पोजीशन के कारण होता है, लेकिन बार-बार होने वाली झनझनाहट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे नसों पर दबाव, कार्पल टनल सिंड्रोम, गर्दन की समस्या या डायबिटीज जैसे कारण हो सकते हैं। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना ही बेहतर है।