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सुबह खाली पेट चाय-कॉफी पीते हैं? सावधान! पेट में हो सकती हैं ये परेशानियां, एक्सपर्ट ने बताया सही समय

सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने से कुछ लोगों में एसिडिटी, रिफ्लक्स और सीने में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हेल्थ कोच डिंपल जांगड़ा ने नाश्ते के बाद चाय-कॉफी लेने की सलाह दी है। जानिए खाली पेट क्या पी सकते हैं और गट हेल्थ के लिए किन चीजों को डाइट में शामिल करें।
 

Tea Coffee Side Effects: अगर आपकी सुबह की शुरुआत बिना कुछ खाए चाय या कॉफी के कप से होती है, तो इस आदत पर एक बार जरूर गौर करें। हेल्थ एक्सपर्ट डिंपल जांगड़ा के मुताबिक, कुछ लोगों को खाली पेट कैफीन लेने से एसिडिटी, रिफ्लक्स, सीने में जलन और पेट में असहजता जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में चाय-कॉफी छोड़ने के बजाय इसके सेवन का समय और तरीका बदलना मददगार हो सकता है।

आयुर्वेदिक हेल्थ कोच डिंपल जांगड़ा ने अपने यूट्यूब वीडियो में खाली पेट कैफीन लेने से जुड़ी कुछ बातें साझा की हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सुबह खाली पेट क्या लिया जा सकता है और चाय-कॉफी पीते समय पेट की सेहत का ध्यान कैसे रखा जाए।

सुबह खाली पेट क्या पिएं?

डिंपल जांगड़ा के मुताबिक, दिन की शुरुआत कुछ ऐसे विकल्पों से की जा सकती है, जो पाचन तंत्र के लिए बेहतर माने जाते हैं।

गर्म पानी में घी

उनके सुझाव के अनुसार, गर्म पानी में करीब एक चम्मच घी मिलाकर लिया जा सकता है। घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड को पेट की अंदरूनी परत और गट बैरियर को सपोर्ट करने से जोड़ा जाता है।

हालांकि, हर व्यक्ति के लिए घी का सेवन समान रूप से उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए अपनी डाइट और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही इसका चुनाव करना चाहिए।

जीरा, धनिया और सौंफ का पानी

सुबह एक गिलास पानी में जीरा, धनिया और सौंफ डालकर तैयार किया गया पानी भी लेने की सलाह दी जाती है। इन मसालों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन से जुड़ी समस्याओं में किया जाता रहा है।

डिंपल जांगड़ा के अनुसार, यह पाचन को सपोर्ट करने, पेट की ऐंठन कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने में मदद कर सकता है।

खाली पेट चाय-कॉफी से बचें, नाश्ते के बाद लें

अगर आपको सुबह चाय या कॉफी पीने की आदत है, तो इसे पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। डिंपल जांगड़ा के मुताबिक, खाली पेट चाय-कॉफी पीने के बजाय नाश्ते के करीब 45 मिनट बाद इसका सेवन करना बेहतर हो सकता है। इससे पेट में खाना मौजूद रहता है और कुछ लोगों में कैफीन से होने वाली जलन या एसिडिटी की समस्या कम महसूस हो सकती है।

उन्होंने कॉफी में एक चम्मच घी, बादाम का मक्खन या नारियल तेल मिलाने का सुझाव भी दिया है। हालांकि, इसे हर व्यक्ति के लिए जरूरी या चिकित्सकीय रूप से सिद्ध उपाय नहीं माना जाना चाहिए।

गट हेल्थ के लिए डाइट में शामिल करें हेल्दी फैट

गट हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए डाइट में हेल्दी फैट के स्रोत शामिल किए जा सकते हैं। डिंपल जांगड़ा ने कद्दू के बीज, अलसी और एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थों का उल्लेख किया है।

इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं और संतुलित डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। पेट की अंदरूनी परत को आराम देने के लिए एलोवेरा का भी इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका सेवन हर किसी के लिए जरूरी या उपयुक्त नहीं होता।

क्या चाय-कॉफी पूरी तरह छोड़नी होगी?

ऐसा जरूरी नहीं है। अगर चाय या कॉफी पीने के बाद आपको बार-बार एसिडिटी, सीने में जलन, खट्टी डकार या रिफ्लक्स की समस्या होती है, तो खाली पेट कैफीन लेने से बचना एक आसान बदलाव हो सकता है।

साथ ही, कैफीन की मात्रा और अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना भी जरूरी है। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य और वेलनेस संबंधी जानकारी के लिए है। इसमें बताए गए सुझाव किसी बीमारी का इलाज या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं हैं। अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने, किसी घरेलू उपाय का नियमित सेवन शुरू करने या एसिडिटी, रिफ्लक्स अथवा पेट से जुड़ी लगातार समस्या होने पर डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।